म्यूचुअल फंड (MF) में निवेश आपको FD के मुकाबले काफी ज्यादा मुनाफा दिला सकता है. लेकिन इसके लिए जरूरी है कि सोच-समझकर निवेश करें. आप नए निवेश की शुरुआत कर रहे हैं तो निवेश शुरू करने से पहले आपको कुछ बातों को हमेशा ध्यान में रखना चाहिए. इसके लिए कुछ खास स्‍टेप्‍स हैं, जिन्‍हें ध्‍यान रखना जरूरी है. JRK ग्रुप में वेल्थ मैनेजमेंट के डायरेक्टर अमित जैन ने जी बिजनेस के खास कार्यक्रम म्यूचुअल फंड हेल्पलाइन (MF Helpline) में MF में निवेश की बारीकियों के बारे में बताया. उन्‍होंने म्यूचुअल फंड में डायरेक्ट निवेश के बारे में भी जानकारी दी?

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TIP OF THE DAY

  1. मौजूदा बाजार की स्थिति में मल्टी कैप में करें निवेश
  2. 5 से 7 साल के लिए कर सकते हैं निवेश
  3. थोड़ा संयम और सही अप्रोच से पा सकते हैं अच्छा रिटर्न
  4. Kotak Standard Multi Cap Fund अच्छा फंड
  5. SBI Magnum Multi Cap Fund भी ले सकते हैं

निवेश से पहले पूछें खुद से सवाल

म्यूचु्अल फंड में निवेश का कर दिया है फैसला

फंड चुनने से पहले खुद को पूछें कुछ सवाल

आप निवेश क्यों कर रहे हैं?

कितने समय के लिए आप निवेश करना चाहते हैं?

निवेश में आप कितना जोखिम उठा सकते हैं?

निवेश से पहले होमवर्क

सवालों का जवाब लेने के बाद होमवर्क करें

सिर्फ दूसरों के कहने पर कोई फंड न लें

अपने स्तर पर फंड को लेकर रिसर्च करें

फंड का रिटर्न, फंड मैनेजर जैसी जानकारी

आपके जरूरतों के मुताबिक सही फंड चुनें

जोखिम क्षमता

फंड का चुनाव करते वक्त जोखिम क्षमता भी ध्यान रखें

आप कितना जोखिम उठा सकते हैं, इसका हिसाब लगाएं

कम जोखिम क्षमता है तो कम जोखिम वाले फंड चुनना सही

लंबी अवधि के लिए इक्विटी में निवेश कर सकते हैं

छोटी अवधि में डेट फंड चुनना होगा समझदारी

जोखिम क्षमता के मुताबिक ही फंड का चुनाव करें

रेटिंग देखकर फंड न चुनें

हर म्यूचु्अल फंड को लेकर ऑनलाइन जानकारी

फंड का प्रदर्शन और अन्य जानकारी भी ऑनलाइन

सिर्फ स्टार रेटिंग और रिटर्न देखकर फंड न चुनें

पिछले रिटर्न के साथ ही अन्य चीजों पर भी ध्यान दें

AMC, बेंचमार्क, अल्फा-बीटा जैसे फैक्टर देखना अहम

ओवर-डायवर्सिफिकेशन से बचें

पोर्टफोलियो में अच्छे और बेहतर फंड रखना जरूरी

पोर्टफोलियो को ओवर-डायवर्सिफाई करने से बचें

ओवर-डायवर्सिफिकेशन का असर आपके रिटर्न पर

ओवर-डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो मैनेज करना मुश्किल

डायवर्सिफिकेशन जरूरी, ओवर-डायवर्सिफिकेशन से बचें

कैसे करें निवेश? MF में निवेश के फायदे

म्यूचुअल फंड निवेश में जोखिम विविधता मिलती है

छोटी-छोटी अवधि से निवेश की शुरुआत कर सकते हैं

म्यूचुअल फंड में विशेषज्ञों की राय भी मिलती है

लक्ष्य के मुताबिक कहीं भी निवेश कर सकते हैं

एकमुश्त और SIP निवेश भी कर सकते हैं

डायरेक्ट प्लान

डायरेक्ट प्लान म्यूचुअल फंड में निवेश का तरीका

डायरेक्ट प्लान में आप खुद ही निवेश करते हैं

डायरेक्ट प्लान में एडवाइजर की कोई भूमिका नहीं

एडवाइजर नहीं तो किसी तरह का कमीशन भी नहीं

म्यूचु्अल फंड्स का चुनाव आप खुद करते हैं

रेगुलर प्लान

रेगुलर प्लान डायरेक्ट प्लान से अलग है

रेगुलर प्लान में आपका निवेश सीधे नहीं होता

म्यूचुअल फंड ड्रिस्ट्रीब्यूटर की मदद से निवेश करते हैं

एडवाइजर रेगुलर प्लान में आपके साथ होता है

एडवाइजर आपको बताता है कि कौन-से फंड्स लेने हैं

एडवाइजर सेवा के लिए कमीशन लेता है

MF के प्रकार

इक्विटी(लार्ज कैप, स्मॉल कैप, मल्टी कैप, मिड कैप)

डेट फंड्स(क्रेडिट रिस्क, लिक्विड, मनी मार्केट)

हाइब्रिड फंड्स

इंडेक्स फंड्स

सेक्टर/थिमैटिक फंड्स

ELSS फंड्स

इक्विटी फंड्स

- इक्विटी फंड, एक म्यूचुअल फंड होता है

- अधिकतर निवेश शेयर बाज़ार में होता है

- फंड मैनेजर कंपनी के इक्विटी शेयर में निवेश करते हैं

डेट फंड

- डेट फंड में निश्चित आय उपकरणों में निवेश करते हैं

- सरकारी बॉन्ड, कॉर्पोरेट डिबेंचरों में निवेश

- आय फंड और बांड फंड के नाम से भी जाने जाते हैं

- निवेशकों को सुरक्षित निवेश के ज़रिए फायदा देना

निवेश सलाहकार

बाजार के उतार-चढ़ाव की सभी को जानकारी नहीं

वित्तीय जोखिम कम करने के लिए सलाहकार जरूरी

जैसे डॉक्टर, वकील जरूरी, वैसे ही सलाहकार भी जरूरी

निवेश सलाहकार सही जगह निवेश करने में करेगा मदद