सोना चाहें कितना भी महंगा क्यों न हो इसकी चाहत कम नहीं होती. लेकिन अगर सोना खरीदते समय थोड़ी सावधानी रखी जाए तो आप हमेशा फायदे में रहेंगे. यहां हम आपको 5 ऐसे फैक्टर्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके आधार पर आप अनुमान लगा सकते हैं कि आने वाले दिनों में सोना महंगा होगा या सस्ता.

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1- डॉलर का रुख

डॉलर और सोने की कीमत में उल्टा संबंध है. यानी जब डॉलर में तेजी हो, तो सोने की कीमतों पर दबाव होता है. सोने में तेजी का सबसे बढ़िया समय उस समय होता है जब सोने की मांग तेज हो और डॉलर की कीमतों में गिरावट आ रही हो.

2- चांदी का रुख

अगर सोने में तेजी का रुख है और साथ ही चांदी भी तेज है, तो इसका मतलब है कि सोने की कीमतों में उछाल का ये रुख स्थाई होगा. अगर सोने के अनुरूप चांदी में तेजी नहीं है, तो सावधान रहिए. 

3- कच्चे तेल का रुख

जब कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं तो सोना भी महंगा होता है. दरअसर सोने को महंगाई के प्रति अच्छा हेज माना जाता है. चूंकि कच्चे तेल के महंगे होने से महंगाई बढ़ती है, इसलिए सोने की कीमतों पर भी इसका असर पड़ता है.

4- शेयर बाजार का रुख

लोग सोने में उस समय भी निवेश बढ़ा देते हैं, जब दूसरे निवेश के साधनों से उन्हें उम्मीद के मुताबिक रिटर्न नहीं मिलता है. ऐसे में अगर शेयर बाजार में तेजी थमी हुई है, तो बहुत संभव है कि सोने की कीमत बढ़ेगी. इसी तरह अगर शेयर बाजार में जोरदार रिटर्न मिल रहा है तो सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है.

5- सोने का रुख

इसके अलावा सोने की सप्लाई, केंद्रीय बैंक द्वारा सोना खरीदने या बेचने का फैसला, आर्थिक दशाएं जैसे कारकों से सोने की मांग तय होती है और इसका असर सोने की कीमतों पर देखने को मिलता है.