Job loss Insurance Cover: छंटनी मानसिक आर्थिक सेहत के लिए एक बड़ा धक्का होती है. होम लोन की ईएमआई, घर का किराया, स्कूल की फीस और रोजमर्रे के खर्चों को पूरा करने के लिए नौकरी जरूरी होती है. नौकरी जाने की हालत में सबसे पहले सेविंग्स प्रभावित होती है. जॉब लॉस की हालत में आपके लिए जॉब लॉस इंश्योरेंस एक बड़ा सहारा हो सकता है. ये इंश्योरेंस नौकरी जाने के संभावित जोखिम की क्षतिपूर्ति करता है. साथ ही अस्थाई राहत देता है. जॉब लॉस इंश्योरेंस हेल्थ या फिर लाइफ इंश्योरेंस की तरह ही होता है. 

अलग से नहीं होती पॉलिसी

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भारत में नौकरी जाने के लिए कोई अलग से पॉलिसी नहीं होती है. इसे आप टर्म और दूसरे इंश्योरेंस प्रोडक्ट में अतिरिक्त लाभ के तौर पर जोड़ सकते हैं. इसे राइडर कहते हैं. राइडर कवर के लिए आपको अलग से पैसे देने होंगे.  जनरल,  हेल्थ और टर्म लाइफ इंश्योरेंस के साथ ही आप इसका लाभ उठा सकते हैं. इस बीमा के तहतपॉलिसी होल्डर की नौकरी चले जाने पर बीमा कंपनी उसे एक निश्चित अवधि तक आर्थिक मदद देती है. इसके अलावा आपको घर का खर्च चलाने के लिए दूसरी इनकम का एक सोर्स मिल जाता है. 

इन हालत में नहीं मिलेगा लाभ

जॉब लॉस इंश्योरेंस कुछ परिस्थितियों में नहीं मिलता है. धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार या फिर कोई दूसरे फ्रॉड या आरोपों के कारण आपकी जॉब गई है तो आपको इस बीमा का लाभ नहीं मिलेगा. वहीं, यदि प्रोबेशन पीरियड के दौरान आपकी नौकरी जाती है तो इस बीमा का लाभ आपको नहीं मिलेगा. इसके अलावा आपकी नौकरी कॉन्ट्रैक्ट बेस या तदर्थ आधार पर है तो भी आपको इसका लाभ नहीं मिलेगा. ऐसे में बीमा लेने से पहले सभी शर्तों को ध्यान से पढ़ लें और इन्हें अच्छी तरह से चेक भी कर लें.   

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बीमा को क्लेम करने के लिए आपको नौकरी के वक्त कंपनी की तरफ से मिले सारे डॉक्यूमेंट्स इंश्योरेंस कंपनी को देने होंगे. कंपनी इन क्लेम की जांच करेगी. यदि सारी नियम और शर्तें पूरी हो रही है तो आपको क्लेम मिल जाएगा.