आज के वक्त में हर कुछ हफ्तों में भूकंप (Earthquake) के झटके महसूस किए जाने लगे हैं. क्या आपने कभी सोचा है कि अगर इसकी वजह से आपका आशियाना यानी आपका घर टूट गया तो आपका कितना नुकसान होगा? और घर में रखे सामान का क्या, वो भी तो बर्बाद हो जाएगा. हालांकि, आपके घर के लिए सिर्फ भूकंप, साइक्लोन या फिर बाढ़ जैसी आपदाएं ही खतरा नहीं हैं, बल्कि आग लगना भी एक बड़ी चिंता का विषय है. मेट्रो शहरों में तो हर ओर ऊंची-ऊंची गगनचुंबी इमारतें देखने को मिलती हैं. ऐसे में आग का खतरा कितना बड़ा साबित हो सकता है आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते. 

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एक अनुमान के मुताबिक सिर्फ मुंबई में ही हर साल 5000 से भी अधिक आग लगने की घटनाएं होती हैं. इनमें से 70 फीसदी घटनाएं तो बिजली की वजह से होती हैं. दिल्ली और बेंगलुरु में भी हर साल 2500 से अधिक आग की घटनाएं होती हैं. ऐसे में जरूरी है कि आप अपने घर का इंश्योंरेस (Home Insurance) कराएं. अब सवाल ये उठता है कि कैसे मिलेगा घर का इंश्योरेंस?

कैस कराएं घर का इंश्योरेंस?

घर का इंश्योरेंस लेना बिल्कुल वैसा ही होता है, जैसे आप कोई दूसरा इंश्योरेंस लेते हैं. आपको सबसे पहले होम इंश्योरेंस देने वाली किसी कंपनी की वेबसाइट पर जाना होगा या फिर तमाम कंपनियों की तुलना कराने वाली कंपनी की वेबसाइट पर जाना होगा. वहां पर आपको अपने घर की कीमत और घर में रखे सामानों की कीमत समेत ये बताना होगा कि घर कितने एरिया में बना है. इसके बाद आपको वहां अलग-अलग कंपनियों के प्लान देखने को मिल जाएंगे. जो आपको बेहतर लगे और जिसमें ज्यादा चीजें कवर हों, आप उसे ले सकते हैं.

कितने रुपये होते हैं खर्च?

होम इंश्योरेंस का प्रीमियम इस बात पर निर्भर करेगा कि आपके घर की वैल्यू क्या है और वह कितना बड़ा है. साथ ही यह भी देखा जाएगा कि आपके घर के अंदर कितने रुपये का सामान रखा है. मान लीजिए कि आपके घर की कीमत 50 लाख रुपये है, जो करीब 1000 स्क्वायर फुट में बना हुआ है और उसमें करीब 10 लाख रुपये का सामान है. ऐसे में आपको घर का इंश्योरेंस कराने में प्रति महीने के हिसाब से 100-130 रुपये तक का प्रीमियम चुकाना पड़ सकता है. 

किन-किन घटनाओं के होने पर मिलता है कवरेज?

होम इंश्योरेंस के तहत आग, धमाका या विस्फोट, बिजली गिर जाना, भूकंप, ज्वालामुखी, तूफान, साइक्लोन, बाढ़, भूस्खलन, दंगे या भूख हड़ताल से होने वाला नुकसान, आतंकवाद,  ऑटोमेटिक स्प्रिंकलर से हुआ नुकसान, चोरी जैसी घटनाओं पर कवरेज मिलता है. जिस वक्त आप इंश्योरेंस लें, उस वक्त अलग-अलग कंपनियों की तरफ से दिए जा रहे कवरेज की तुलना जरूर करें.

ध्यान रखें कुछ बातों का

जब आप घर का इंश्योरेंस लेने जाएं तो आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा. आइए जानते हैं इनके बारे में.

  • सबसे पहले तो आपको ये देख लेना चाहिए कि होम इंश्योरेंस में क्या-क्या कवर है. कहीं ऐसा ना हो कि इंश्योरेंस कंपनी दैवीय आपदाओं से आपके घर को प्रोटेक्शन दे ही ना रही हो और आप सोच रहे हों कि सब कुछ कवर है.
  • जब आप अपने घर का इंश्योरेंस कराएं तो हर चीज की सही कीमत सबूत के साथ देनी होती है. बशर्ते अपने घर की कीमत, घर के तमाम सामान की कीमत समेत उनका बिल आदि देना होता है. घर में जो-जो है, सब कुछ इंश्योरेंस में बताएं, कम प्रीमियम के चक्कर में पड़कर कोई सामान छोड़ें नहीं, वरना कोई अनहोनी होने पर आपको ही नुकसान होगा.
  • घर के तमाम सामान की जो लिस्ट आपने होम इंश्योरेंस लेते वक्त दी थी, उसे हर साल चेक करते रहें, ताकि उसमें जो भी बदलाव हो, उसे अप्लाई किया जा सके.
  • यह भी चेक करें कि अलग-अलग दिक्कत में कितनी लागत कवर हो रही है. कुछ कंपनियां 100 फीसदी कवरेज नहीं देतीं. कई चीजों, जैसे घर के सामान पर कवरेज कम देती हैं. तो जब आप होम इंश्योरेंस की तुलना करें, तो इन सबको भी ध्यान में रखें.