Fake sim card: देश में टेक्नोलॉजी आई तो उसका दुरुपयोग भी बहुत बढ़ गया. फर्जी सिम कार्ड का खेल फर्जीवाड़ा (Fake sim card in India) करने में खूब खेला जाता है. फर्जी सिम कार्ड से साइबर क्राइम में बेतहाशा बढ़ोतरी देखने को मिलती है. लेकिन आने वाले दिनों में अब इस पर लगाम लगाने की पूरी कवायद हो रही है. फर्जी सिम कार्ड ब्लॉक कर दिए जाएंगे. साइबर क्राइम (cybercrime) पर नकेल कसने के लिए सिम लेने के नियम और सख्त बनाए जा रहे हैं. इसके लिए केवाईसी (अपने ग्राहक को जानो) के नियम (sim card KYC rule) और सख्त किए जाएंगे, ताकि इसका दुरुपयोग न हो सके.

फेक डॉक्यूमेंट्स से सिम लेना आसान नहीं होगा

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खबर के मुताबिक, फ़र्जी काग़ज़ात या फेक डॉक्यूमेंट्स से सिम कार्ड हासिल करना अब आसान नहीं होगा. दरअसल, डिजिटल कम्यूनिकेशंस कमीशन ने डाटा एनालिटिक्स सेंटर बनाने की मंजूरी दे दी है. ऐसे सेंटर सिम कार्ड फ्रॉड, KYC से जुड़े फ्रॉड, Organised फ्रॉड, फाइनेंशियल साइबर क्राइम जो टेलीकॉम रिसोर्सेज से होते हैं, उनको कम करने पर में मदद करेगा. डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्यूनिकेशंस (DoT) ऐसे सेंटर को जल्द बनाएगा.

फर्जी डॉक्यूमेंट्स पर जारी सिम कार्ड को ट्रैक करना होगा आसान

इन सेंटर में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) और ब्लॉक चेन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा और फर्जी डॉक्यूमेंट्स पर जारी सिम कार्ड (SIM card issued on fake documents) को ट्रैक करना आसान हो जाएगा. खासतौर पर देश में जो ऐसे क्राइम सेंटर हैं, उनपर नजर रखने में मदद मिलेगी. फ़र्जी सिम कार्ड (Fake sim card) से कॉल कर ठगी होती है. ये ठगी बैंकिंग, इंश्योरेंस और लॉटरी के नाम पर होते हैं.साइबर क्राइम (cybercrime) के कई मामले में फ़र्जी सिम का इस्तेमाल होता है.

खुद ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत

फर्जी सिम के नाम पर हर साल लाखों-करोड़ों रुपये अकाउंट से साफ हो जाते हैं. तमाम तरह के हथकंडे अपनाकर फ्रॉड आम लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनके साथ फर्जीवाड़ा करते हैं. ऐसे में आपको खुद ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है. कभी भी कोई संदेहास्पद कॉल आए या कोई ऑफर आए तो इसके जाल में नहीं फंसे तो बेहतर होगा.