रुपए में इस समय भारी गिरावट देखी जा रही है. रुपए में गिरावट के दो प्रमुख कारण हैं. एक तरफ अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी देखी जा रही है और यह कई सालों के हाई पर है. इसके कारण ग्लोबल करेंसी दबाव में है और नतीजन रुपया भी फिसला रहा है. दूसरी तरफ क्रूड में भारी उछाल है और यह फिर से 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है. क्रूड महंगाई होने से आयात बिल महंगा होगा. इससे महंगाई बढ़ेगी और रुपए की वैल्युएशन भी घटेगी.

Crude Oil 90 डॉलर के पार पहुंचा

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रुपए में गिरावट के जिम्मेदार फैक्टर्स को एक-एक कर गंभीरता और विस्तारपूर्वक समझते हैं. दरअसल रूस और सऊदी अरब मिलकर ग्लोबल मार्केट में क्रूड की सप्लाई को कंट्रोल कर रहे हैं. दोनों देशों ने सप्लाई कट को तीन महीने बढ़ाकर दिसंबर 2023 तक कर दिया है. नतीजन Crude Oil उछल गया और यह फिर से 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया. HDFC सिक्योरिटीज के कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता ने कहा कि इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड का भाव 10 महीने के हाई 90.60 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है. सप्लाई कट के कारण यह 93-95 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है. 

US Bond Yield में रिकॉर्ड तेजी

दूसरी तरफ US बॉन्ड यील्ड में जबरदस्त तेजी है. 10 साल की अमेरिकी बॉन्ड यील्ड इस समय यह 4.26 फीसदी के स्तर पर है. यह 4.35 फीसदी तक पहुंचा था जो करीब 15 साल का उच्चतम स्तर है. डॉलर इंडेक्स 104.7 पर पहुंच गया है जो छह महीने के उच्चतम स्तर पर है. बता दें कि डॉलर इंडेक्स दुनिया की छह प्रमुख करेंसी के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दिखाता है. चाइनीज इकोनॉमिक एक्विविटी में गिरावट और एशियाई करेंसी के कमजोर प्रदर्शन के कारण भी  डॉलर इंडेक्स को मजबूती मिल रही है.

Rupees Outlook

SBI सिक्योरिटीज ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपया ने 82.90 का स्तर पार कर दिया है जो एक एक महत्वपूर्ण स्तर था. अब रुपया 83.30-83.35 के स्तर तक फिसल सकता है. डॉलर इंडेक्स में उछाल से अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को मजबूती मिल रही है और यह रुपए को कमजोर कर रहा है. रुपया 82.80-83.20  के रेंज में रहने की उम्मीद है.

महंगाई का खतरा बढ़ा

क्रूड ऑयल पहले ही 10 महीने के हाई पर पहुंच गया है. अगले कुछ महीनों तक सप्लाई में कमी का असर कीमत पर बने रहने की उम्मीद है. भारत जरूरत का 80-85 फीसदी तेल आयात करता है. ऐसे में आयात बिल बढ़ने से महंगाई पर दबाव बढ़ेगा और रुपए में और कमजोरी आ सकती है. रुपया डॉलर के मुकाबले 84.25 के स्तर तक कमजोर हो सकता है. हालांकि, ज्यादातर बैंक्स और ब्रोकरेज 83.50 तक के स्तर तक गिरावट की संभावना बता रहे हैं.

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