Made in India: सरकार देश में बने ब्रांड को और बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है. इसके लिए उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) एक नई औद्योगिक नीति (Industrial Policy) पर काम भी कर रहा है. इसमें इंडस्ट्री के लिए फंडिंग सोर्स को बढ़ाने और 'मेड इन इंडिया' ब्रांड के लिए एक नई योजना का प्रस्ताव है.

फॉरेक्स रिजर्व का भी होगा इस्तेमाल

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एजेंसी सूत्रों के मुताबिक नीति में उद्योग तक वित्त की व्यापक पहुंच के लिए विभिन्न तरीकों का सुझाव दिया जाएगा. इसमें प्रतिस्पर्धी दरों पर वित्त मुहैया कराने के लिए एक विकास वित्त संस्थान की स्थापना करना. साथ ही इस तरह के वित्त पोषण के लिए विदेशी मुद्रा भंडार के कुछ हिस्से के इस्तेमाल पर भी विचार किया जा रहा है.

नए प्लान में क्या होगा?

'औद्योगिक नीति 2022 पर बयान - दुनिया के लिए मेक इन इंडिया' का मसौदा विभिन्न मंत्रालयों के पास उनके सुझावों के लिए भेजा गया है. सूत्रों के मुताबिक प्रस्तावित नीति का लक्ष्य देश में एक अभिनव और प्रतिस्पर्धी इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम को बढ़ावा देना है. साथ ही कुछ नीतिगत उपायों के जरिए उद्योग के मुद्दों और चुनौतियों का समाधान करना है.

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सरकार किन नीतियों पर कर रही काम?

इस मकसद को हासिल करने के लिए जिन क्षेत्रों की पहचान की गई है, उनमें प्रतिस्पर्धा और क्षमता पर ध्यान देना, आर्थिक एकीकरण और वैश्विक मूल्य श्रृंखला को आगे बढ़ाना, भारत को एक आकर्षक निवेश डेस्टिनेशन के रूप में बढ़ावा देना, इनोवेशन और उद्यमिता को प्रोत्साहन और वैश्विक मानकों को हासिल करना शामिल है.