सरकार ने निर्यातकों (Exporters) के लिए शुरू की गई एडवांस ऑथोराइजेशन स्कीम (Advance Authorisation Scheme) के मानदंडों को आसान बनाने की घोषणा की. इस योजना के तहत कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल होने वाली सामग्रियों का ड्यूटी फ्री आयात किया जा सकता है. विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) विदेश व्यापार नीति के तहत इस योजना को लागू करता है.

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इनपुट (कच्चे माल) की पात्रता सेक्टर-स्पेसिफिक नॉर्म्स कमिटी तय करती हैं. डीजीएफटी (DGFT) ने कहा कि नियम तय करने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए उसने उपयोगकर्ताओं के लिए मानदंडों का एक डेटाबेस बनाया है. इन मानदंडों का उपयोग कोई भी निर्यातक मानदंड समिति से संपर्क किए बिना कर सकता है.

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वेबसाइट पर मिलेगी सारी जानकारी

डेटाबेस को डीजीएफटी वेबसाइट (https://dgft.gov.in) पर होस्ट किया गया है और यह उपयोगकर्ताओं को निर्यात या आयात आइटम विवरण, तकनीकी विशेषताओं या भारतीय टैरिफ वर्गीकरण कोड का उपयोग करके सर्च करने की मंजूरी देता है. इसमें कहा गया है, यह व्यापार सुविधा उपाय अग्रिम प्राधिकरण और मानदंड निर्धारण प्रक्रिया को सरल बनाता है, जिसके परिणामस्वरूप निर्यातकों के लिए बदलाव का समय कम होता है, व्यापार करने में आसानी होती है और अनुपालन बोझ कम होता है.

वाणिज्य मंत्रालय निर्यातकों के लिए व्यापार करने में आसानी को बढ़ावा देने के लिए कई उपाय कर रहा है, जो वैश्विक मांग में मंदी और रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध से प्रभावित हैं.

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भारत के निर्यात में तीन वर्षों में सबसे बड़ी गिरावट

वैश्विक मांग में कमी, विशेषकर अमेरिका और यूरोप जैसे पश्चिमी बाजारों में मांग में कमी के कारण जून में भारत का निर्यात 22% घटकर 32.97 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया, जो पिछले तीन वर्षों में सबसे बड़ी गिरावट है.

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