Finance Minister Nirmala Sitharaman on Budget 2023: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को मुंबई में उद्योग जगत के साथ बातचीत के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि नये टैक्स सिस्टम में बदलाव करके इंश्योरेंस और कई सेक्टर में इंवेस्टमेंट को हतोत्साहित करने की मंशा नहीं है, उसके लिये पुराना सिस्टम है. इंश्योरेंस प्रीमियम पर टैक्स बढ़ाने वाली घोषणाओं के बाद आई प्रतिक्रियाओं को लेकर उन्होंने कहा कि इसे लेकर हो रही आलोचनाएं आधारहीन हैं.

इंश्योरेंस बढ़ाने पर दिया जोर

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वित्तमंत्री ने कहा कि "देश में एक बड़ा हिस्सा इंश्योर्ड नहीं है, हम चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा लोग कवर्ड हों. जो नए टैक्स लगाए गए हैं, उनके जरिए किसी को हतोत्साहित नहीं किया जा रहा है. लेकिन इंश्योरेंस को निवेश की तरह नहीं दिखा सकते. हमारे पास भरोसेमंद जानकारी है कि कुछ लोग बस टैक्स बचाने के लिए इंश्योरेंस में निवेश कर रहे हैं. PM जीवन योजना जैसी योजनाएं इंश्योरंस के पेनिट्रेशन को बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं." उन्होंने ये भी कहा कि "अगर आप गोल्ड और रियल एस्टेट पर LTCG (लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन) टैक्स भरते हैं तो इंश्योरेंस प्रीमियम पर क्यों नहीं भर सकते?"

इंश्योरेंस प्रीमियम पर टैक्स के क्या हैं नियम

दरअसल, Budget 2023 में इंश्योरेंस से होने वाली कमाई (Insurance income became taxable) पर टैक्स का ऐलान किया गया. अगर आपके इंश्योरेंस का सालाना प्रीमियम 5 लाख से ज्यादा है तो, उससे होने वाली कमाई पर टैक्स लगेगा. अभी तक इंश्योरेंस से होने वाली रेग्युलर इनकम पूरी तरह टैक्स फ्री होती थी. इसका फायदा HNI यानी हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स को मिलता था. बजट ऐलान के बाद इन एचएनआई को इंश्योरेंस से होने वाली कमाई पर लिमिटेड लाभ ही मिलेगा. यह नियम 1 अप्रैल 2023 से लागू होगा. जैसे कि अगर कोई एक वित्त वर्ष में 5 लाख से ज्यादा प्रीमियम जमा करता है तो, उससे होने वाली कमाई पर टैक्स लगेगा. इसमें ULIP प्लान को शामिल नहीं किया गया है. जो इंश्योरेंस पॉलिसी 31 मार्च 2023 तक जारी की जाएगी, उसपर भी यह नियम नहीं लागू होगा.

Union Budget 2023 में ग्रोथ और रिकवरी पर फोकस

वित्तमंत्री ने बजट पर कहा कि इस बार सरकार का फोकस ग्रोथ और रिकवरी पर है. उन्होंने कहा कि सरकार रिकवरी और ग्रोथ को बनाए रखना चाहती है. सरकार ने बजट में फिस्कल कंसॉलिडेशन को ध्यान में रखा. ग्रोथ के लिए इसे ऊपर रखना होगा.

Adani-Hindenburg Saga पर सवाल किए जाने पर उन्होंने कहा कि वो अभी इस मसले पर कोई बात नहीं करेंगी और उनसे बस बजट पर सवाल पूछे जाने चाहिए. वहीं रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी में रेपो रेट पर क्या फैसला हो सकता है, उसे लेकर उन्होंने कहा कि अगले हफ़्ते आने वाली पॉलिसी पर RBI ही रेट हाइक के बारे में बेहतर बता सकता है.

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