Oil Prices: शुक्रवार रात शिकागो एक्सचेंज के मजबूत बंद होने की वजह से शनिवार को देश के तेल-तिलहन बाजारों में अधिकांश तेल-तिलहनों की कीमतें सुधार प्रदर्शित करती बंद हुईं. इससे सरसों, मूंगफली, सोयाबीन तेल तिलहन और बिनौला तेल की कीमतों में सुधार दर्ज हुआ. इसके साथ ही सॉफ्ट आयल की त्योहारी मांग बढ़ने के अलावा शुक्रवार को मलेशिया एक्सचेंज के दोपहर बाद बंद रहने से कच्चा पामतेल (CPO) और पामोलीन के भाव पहले के स्तर पर बने रहे.

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सूत्रों ने कहा कि बाजार में अधिकांश तेल तिलहन कीमतों में सुधार का मुख्य कारण यह है कि शुक्रवार रात शिकागो एक्सचेंज मजबूत स्तर पर बंद हुआ था. बीती रात रूस और अर्जेन्टीना में सूरजमुखी तेल (Sunflower Oil) का भाव पहले के 915-920 डॉलर प्रति टन से बढ़कर 935-940 डॉलर प्रति टन हो गया जिसका असर बाकी तेल तिलहन कीमतों पर भी दिखा. हालांकि डेढ़ साल पहले के 2,500 डॉलर प्रति टन की तुलना में सूरजमुखी तेल अभी 935-940 डॉलर टन पर ही है.

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इस बीच सरसों (Mustard) के अच्छे माल की कमी है और ब्रांडेड कंपनियां नमी से युक्त सरसों खरीदने से परहेज कर रही हैं. इसके अलावा उत्तरी भारत में कपास की फसल को ‘पिंक बॉलवार्म’ कीटों से काफी नुकसान होने की भी खबर है.

सूत्रों ने कहा कि त्योहारों के समय नरम तेलों की अधिक मांग होने और शुक्रवार को दोपहर के बाद मलेशिया एक्सचेंज बंद होने के कारण सीपीओ (CPO) और पामोलीन तेल के भाव पहले के स्तर पर बंद हुए. सीपीओ और पामोलीन के आगे के रुख के बारे में सोमवार को पता लगेगा.

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