स्टील अथारिटी ऑफ इंडिया (SAIL) ने अपने इस्को इस्पात संयंत्र में उच्च श्रेणी के वायर रॉड का उत्पादन शुरू किया है. इन वायर रॉडों का प्रयोग तारों पर लटकने वाले ब्रिजों और गाड़ियों के विभिन्न पुर्जे बनाने में होगा. ऐसे में पुलों व गाड़ियों की मजबूती बढ़ाने में सेल के इन उत्पादों की काफी महत्वपूर्ण भूमिका होगी. सेल के अनिल कुमार चौधरी ने सेल के बर्नपुर स्थित इस्को इस्पात संयंत्र के दौरान कहा कि “हम बाज़ार की मांग को ध्यान में रखते हुए विभिन्न नए और वैल्यू ऐडेड प्रोडक्ट को बाज़ार में उतारने की सुनियोजित योजना पर कार्य कर रहे हैं. इससे सेल बाज़ार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने में सक्षम होगा. इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए हम इस्को इस्पात संयंत्र की 5.5 लाख टन वार्षिक क्षमता की अत्याधुनिक वायर रॉड मिल से उच्च श्रेणी और विशेष गुणवत्ता के वायर रॉड के उत्पादन पर ज़ोर दे रहे हैं और बहुत जल्द ही इसे बाज़ार में उतारेंगे.”

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वायर रॉड के विशेष ग्रेड तैयार हुए

सेल अध्यक्ष ने कहा कि इस्को इस्पात संयंत्र उत्पादन प्रक्रियाओं के मामले में सबसे दक्ष आधुनिक संयंत्र है. इस्को संयंत्र को अपनी पूरी क्षमता के अनुरूप उत्पादन करने और अपनी निर्धारित क्षमता को हासिल करने पर फोकस करना चाहिए. उन्होंने कहा कि संयंत्र पहले ही वायर रॉड के कुछ विशेष ग्रेड तैयार कर चुका है और मध्यम तथा उच्च ग्रेड के वायर रॉड्स विकसित करने की प्रक्रिया में है जो औद्योगिक क्षेत्र की विविध आवश्यकताओं के लिए उपयोगी होंगे.

 

हाल ही में सेल ने बनाया था ये उत्पाद

हाल ही में सेल ने देश में पहली बार एनपीबी-750 (NPB-750) यानि नैरो पैरेलल फ़्लेंज बीम (Narrow Parallel  Flange Beam) की रोलिंग बनाने की उपलब्धि हासिल की है. एनपीबी-750 को इस्को इस्पात संयंत्र के अत्याधुनिक यूनिवर्सल स्ट्रक्चरल मिल (यूएसएम) ने विकसित किया है, जिसकी depth 750 मिलीमीटर है और यह देश में मौजूदा समय में बनने वाली सबसे अधिक depth की बीम है. भारतीय मानक ब्यूरो के मानकों के अनुसार एनपीबी-750 तीन अलग-अलग सेक्शनल वज़न में उपलब्ध हैं.