(नितिका माहेश्वरी की रिपोर्ट)

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चंडीगढ़ में फिलहाल एंटरटेनमेंट टैक्स नहीं लगेगा. सांसद किरण खेर के विरोध जताने पर नगर निगम की हाउस मीटिंग में मनोरंजन कर लगाने का प्रस्ताव खारिज कर दिया गया है. किरण खेर ने कहा सिनेमाघरों में पहले ही खाने-पीने का सामान इतना मंहगा मिलता है इस बीच एंटरटेनमेंट टैक्स लगाकर सिनेमा में फिल्म देखने जाने वाले लोगों पर बोझ नहीं डाला जा सकता. नगर निगम की मीटिंग में खेर के हस्तक्षेप के बाद फिल्म टिकट और प्रति शो पर मनोरंजन कर लगाने का प्रस्ताव पास नहीं हो पाया.                                                                                                                                                      

दरअसल, नगर निगम की मीटिंग में सांसद किरण खेर भी मौजूद रही. खेर ने एंटरटेनमेंट टैक्स का विरोध करते हुए कहा केंद्र ने साफ किया है राज्य और यूटी की लोकल बॉडीज चाहें तो एंटरटेनमेंट एंड एम्यूज़मेंट टैक्स लगा सकती हैं लेकिन वो इस टैक्स के खिलाफ हैं. खेर ने कहा कि मिडल क्लास पर ही टैक्स का भार पड़ेगा.

किरण खेर ने कहा कि लोग फिल्म देखने के लिए जाते हैं ताकि वह अपने परिवार के साथ कुछ अच्छा वक्त बिता सकें. ऐसे में एंटरटेनमेंट टैक्स लगाकर हम चंडीगढ़ वासियों पर बोझ नहीं डाल सकते. खेर ने कहा वैसे भी जीएसटी का मतलब है वन नेशन वन टैक्स. फिर एंटरटेनमेंट टैक्स लगाना सही नहीं. खेर ने कहा अभी तक एक दो राज्यों को छोड़कर किसी ने मनोरंजन कर नहीं लगाया है तो चंडीगढ़ पहल क्यों करें.

कमिश्नर के के यादव ने नगर निगम की मीटिंग में कहा कि एंटरटेनमेंट और एम्यूज़मेंट टैक्स वाइड कॉन्सेप्ट है. इसलिए इसपर विस्तार से चर्चा की जा सकती है. लेकिन सांसद किरण खेर ने कई फिल्मों का हवाला देते हुए कहा कि साल में कुछ ही फिल्में हिट होती है कई बार ऐसे हालात भी होते हैं कि सिनेमा में 5-10 लोग ही फिल्म देखने पहुंचते है ऐसे में फिल्म इंड्रस्टरी का भी ध्यान रखना चाहिए.