इंश्योरेंस रेगुलेटर IRDAI ने बीमा प्रोडक्ट्स को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए जनरल और लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों के लिए बकायदा ग्रोथ का टारगेट तय कर दिया है. आजादी के 75 साल बाद भी इंश्योरेंस को लेकर अब भी लोगों में जागरुकता कम है. इसे अब भी जरूरत से ज्यादा निवेश के तौर पर ही देखा जाता है. ऐसे में रेगुलेटर की मंशा है कि बीमा कंपनियां सरल प्रोडक्ट लाएं और लोगों तक बीमा का लाभ पहुंचाएं. इसके अलावा, रेग्‍युलेटर ने स्टेट लेवल इंश्योर्स कमेटी का भी प्रस्ताव दिया है. 

जनरल इंश्‍योरेस: 5 साल का बड़ा टारगेट

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इंश्योरेंस रेगुलेटर IRDAI ने इंश्‍योरेंस कंपनियों के लिए 5 साल का बड़ा टारगेट तय किया है. इसमें जनरल इंश्‍योरेंस के लिए प्रीमियम टारगेट 2 लाख करोड़ से बढ़ाकर 11 लाख करोड़ रुपये करना है. 2027 तक कारोबार 5 गुना से ज्यादा बढ़ाने का लक्ष्य दिया गया है. GDP के हिस्से के लिहाज से मौजूदा 1% के बदले 2.5% लक्ष्य हासिल करना होगा.

लाइफ इंश्योरेंस पेनिट्रेशन 6% करने को कहा 

इंश्योरेंस रेगुलेटर IRDAI ने लाइफ इंश्योरेंस का पेनिट्रेशन 3 फीसदी से बढ़ाकर 6 फीसदी करने को कहा है. रेग्‍युलेटर का कहना है कि वह लक्ष्य हासिल करने के लिए इंडस्ट्री को मदद भी करेगा. इसमें आसानी से प्रोडक्ट की मंजूरी और यूज एंड फाइल कॉन्सेप्ट को बढ़ावा देने जैसी पहल शामिल होगी. रेग्‍युलेटर के मुताबिक, हर राज्य में बैंक की तर्ज पर लीड इंश्योरेंस कंपनी का दर्जा भी होगा. नियमित समीक्षा के लिए स्टेट लेवल इंश्योरर्स कमेटी का भी प्रस्ताव है.

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IRDAI की पहल का किसे फायदा

इरडा की पहल से जनरल इंश्‍योरेंस और लाइफ इंश्‍योरेंस सेक्‍टर की कंपनियों को फायदा होगा. जनरल इंश्योरेंस में न्यू इंडिया, ICICI लॉम्बार्ड पर पॉजिटिव असर देखने को मिलेगा. वहीं, लाइफ इंश्योरेंस में HDFC लाइफ, SBI लाइफ और ICICI प्रूडेंशियल पर पॉजिटिव असर होगा.