KYC यानी Know Your Customer के बारे में आपको अच्‍छे से पता होगा. बैंक में खाता खुलवाना हो, कोई पॉलिसी खरीदनी हो या शेयर मार्केट में खरीददारी करनी हो, KYC के बिना कोई भी काम नहीं होता है. लेकिन हाल ही में वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यूनिफॉर्म केवाईसी (Uniform KYC) लाने की बात कही है. अगर यूनिफॉर्म KYC लागू हो गया तो ग्राहक को बार-बार KYC कराने के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी. आइए आपको बताते हैं कि क्‍या है Uniform KYC.

क्‍या है यूनिफॉर्म केवाईसी

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KYC कस्‍टमर की पहचान करने की प्रक्रिया है. फाइनेंशियल सेक्टर में किसी भी सेवा के लिए आपको केवाईसी करानी होती है. इस प्रोसेस में बहुत सारी कागजी कार्रवाई, समय और खर्च लगता है. इस समस्‍या का समाधान है यूनिफॉर्म केवाईसी. ये सेंट्रल KYC ( CKYC) है यानी इसके आने के बाद आपको बार-बार अलग-अलग कामों के लिए केवाईसी नहीं कराना पड़ेगा. सिर्फ एक बार डॉक्यूमेंट जमा करने होंगे. अब सरकार केवाईसी प्रक्रिया को और मजबूत करने के लिए यूनिफॉर्म केवाईसी का विकल्‍प लाने की तैयारी में है.

कैसे काम करेगा Uniform KYC

Uniform KYC के लिए जब आप अपने दस्‍तावेज जमा करेंगे तो आपको 14 अंकों का एक CKYC आइडेंटिफिकेशन नंबर दिया जाएगा. आप किसी भी तरह के वित्‍तीय कामकाज में जहां पर केवाईसी की जरूरत होती है, वहां इस नंबर का इस्‍तेमाल कर सकते हैं. इससे ग्राहकों के लिए केवाईसी प्रक्रिया काफी आसान हो जाएगी. उन्‍हें डीटेल और डॉक्यूमेंट्स को हर बार वेरीफाई करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

क्‍या हैं CKYC के फायदे

  • बार-बार केवाईसी कराने के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी.
  • ग्राहकों को इससे काफी सहूलियत होगी और उनका समय बचेगा.
  • बार-बार डॉक्‍यूमेंट देने की जरूरत नहीं होगी.
  • फाइनेंशियल कंपनियों के लिए डॉक्‍यूमेंट वेरिफिकेशन प्रोसेस आसान होगी.
  • साइबर फ्रॉड का जोखिम कम होगा.

कैसे करा सकते हैं CKYC

इसके लिए आपको बहुत परेशान होने की जरूरत नहीं है. जब भी आप बैंक में कोई अकाउंट खुलवाएंगे या किसी अन्‍य वित्‍तीय संस्‍था में कोई ऐसा काम करेंगे, जिसमें केवाईसी की जरूरत हो, तो वहां आपको फाइनेंशियल इंस्‍टीट्यूशन खुद CKYC करवाने की सलाह देंगे. हालांकि CKYC का ऑप्‍शन चुनना या न चुनना आपकी मर्जी पर निर्भर होगा. इसको लेकर कोई बाध्‍यता नहीं होगी.