MG Motor Expansion Plan: ब्रिटिश कार मैन्युफैक्चरिंग कंपनी एमजी मोटर देश में अपने बिजनेस का एक्सपेंशन करने जा रही है. कंपनी ने इसके लिए टियर-3 और टियर-4 शहरों को प्राथमिकता देने की बात कही है. कंपनी ने बिजनेस एक्सपेंशन के चलते देश में 100 नए शोरूम और सर्विस सेंटर खोलने की प्लानिंग की है. इससे देश के अलग-अलग शहरों में रहने वाले एमजी मोटर्स के ग्राहकों को सर्विस लेने में आसानी होगी. MG Motor India अपनी वृद्धि के अगले चरण के लिए चालू वित्त वर्ष (FY24-25) के अंत तक 100 नए शोरूम एवं सर्विस सेंटर खोलने की योजना के साथ देश के तीसरी और चौथी श्रेणी के शहरों का रुख कर रही है. 

बीते महीने ₹5000 करोड़ का निवेश

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एमजी मोटर ने जेएसडब्ल्यू समूह (JSW Group) के एक निवेशक के रूप में आने के बाद पिछले महीने 5,000 करोड़ रुपये के निवेश की योजना की घोषणा की थी. कंपनी ने 2030 तक भारत में यात्री इलेक्ट्रिक वाहनों की 10 लाख इकाइयां बेचने का लक्ष्य भी रखा है. 

हर 3-6 महीने में नया मॉडल 

कंपनी वित्त वर्ष 2024-25 के अंत तक 270 शहरों में कुल मिलाकर 520 बिक्री और सर्विस सेंटर का नेटवर्क स्थापित करने का लक्ष्य लेकर चल रही है. इसके अलावा कंपनी की हर तीन-छह महीने में एक नया मॉडल पेश करने की भी योजना है. 

एमजी मोटर इंडिया के मुख्य वाणिज्यिक अधिकारी (सीसीओ) सतिंदर सिंह बाजवा ने पीटीआई-भाषा से बातचीत में कहा कि कंपनी ने वृद्धि के अगले चरण के लिए एकदम स्पष्ट रूपरेखा बनाई हुई है जिसे एमजी 2.0 नाम दिया गया है. इस योजना के तहत कंपनी ने उत्पादन क्षमता बढ़ाने और आगे चलकर ज्यादा मॉडल उतारने की योजना बनाई है. इन योजनाओं को पूरा करने के लिए कंपनी भारतीय बाजार में अपनी पहुंच का विस्तार करना चाहती है. 

300 नए शहरों तक पहुंच बढ़ाना

बाजवा ने कहा कि वर्तमान में हमारे 170 शहरों में 380 सेवा एवं बिक्री केंद्र हैं. हमें अपनी विस्तार योजना के तहत मार्च, 2025 तक 300 शहरों तक पहुंचना है जिसके बाद हमारे केंद्रों की संख्या भी बढ़कर 500 से अधिक हो जाएगी. उन्होंने कहा कि मौजूदा डीलरों के अलावा कंपनी नेटवर्क विस्तार के लिए नए साझेदारों को भी शामिल करेगी. 

टियर-3 और टियर-4 शहरों पर फोकस

यह विस्तार ग्रामीण इलाकों, तीसरी और चौथी श्रेणी के शहरों में किया जाएगा. एमजी 2.0 योजना में कंपनी अपनी वार्षिक उत्पादन क्षमता को एक लाख वाहन से बढ़ाकर तीन लाख वाहन तक ले जाना चाहती है. यह गुजरात के हलोल में दूसरी विनिर्माण इकाई भी स्थापित करेगी.