इजरायल के हमास के ऊपर जवाबी कार्रवाई जारी है. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमास से सीधी जंग और लेबनान के आतंकी संगठन हिजबुल्लाह से टक्कर के बीच कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई थी, उन्होंने कहा कि "हम हमास को तबाह कर देंगे. हमास ने हम पर हमले किए और सोचा कि हम टूट जाएंगे, लेकिन हम हमास को पूरी तरह खत्म कर देंगे." 

जो बाइडेन को भेजा न्योता

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अमेरिका ने इजरायल को सैन्य समर्थन दिया है, और इस बीच नेतन्याहू लगातार अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के संपर्क में बने हुए हैं. उनके आधिकारिक कार्यालय से जानकारी दी गई कि उन्होंने पांचवीं बार बाइडेन से बात की है. Reuters ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि इजरायल ने जो बाइडेन को आने का न्योता दिया है, जिसपर अमेरिका विचार कर रहा है.

नेतन्याहू ने बाइडेन को बताया कि वो गाजा पट्टी गए थे और वहां के परिवारों पर हमास के अत्याचार को देखा. उन्होंने इस लड़ाई के खिलाफ एकजुट और प्रतिबद्ध रहने पर जोर दिया. दोनों नेताओं ने नियमित तौर पर संपर्क में रहने को कहा.

बाइडेन ने लिया अपडेट

अमेरिकी राष्ट्रपति ने युद्ध के बीच इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और फलस्तीनी प्राधिकरण के राष्ट्रपति महमूद अब्बास से बात की. अमेरिका ने ‘यूएसएस ड्वाइट डी आइजनहोवर कैरियर स्ट्राइक ग्रुप’ (सीएसजी) को पूर्वी भूमध्य सागर की ओर भेजना भी शुरू कर दिया है. व्हाइट हाउस ने एक बयान जारी कर बताया कि बाइडेन ने अब्बास के साथ बातचीत में इजराइल पर हमास के क्रूर हमलों की निंदा की और कहा कि आतंकवादी समूह ‘‘फलस्तीन के लोगों के सम्मान और आत्मनिर्णय के अधिकार के लिए खड़ा नहीं है." व्हाइट हाउस ने बताया कि बाइडेन ने नेतन्याहू के साथ बातचीत में उन्हें अमेरिकी सैन्य सहयोग के बारे में अद्यतन जानकारी दी. उन्होंने संघर्ष को बढ़ावा देने की मंशा रखने वालों को भी चेताया.

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