सोमालिया के पूर्वी तटीय क्षेत्र में तैनात भारतीय युद्धपोत INS सुमित्रा ने ईरान के झंडे वाले जहाज की ओर से अपहरण होने के संबंध में मिली सूचना पर कार्रवाई की.  जहाज पर समुद्री डाकू चढ़ गए थे. इसके बाद वहां मौजूद क्रू को बंदी बना लिया था. INS सुमित्रा ने जहाज को रोका, नाव के साथ चालक दल के सभी 17 सदस्यों की सुरक्षित रिहाई के लिए समुद्री डाकुओं को मजबूर किया. गौरतलब है कि पिछले कुछ वक्त से अदन की खाड़ी में समुद्री डाकुओं और हूती विद्रोहियों के हमलों में काफी बढ़ोत्तरी हुई है. 

17 चालक दलों को सुरक्षित निकाला, जहाज को किया सैनेटाइज 

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ANI की रिपोर्ट के मुताबिक INS सुमित्रा ने नाव के साथ सभी 17 चालक दल के सदस्यों की सफल रिहाई सुनिश्चित की है. भारतीय युद्धपोत ने नाव को सैनेटाइज किया.  नौसेना के प्रवक्ता कमांडर विवेक मधवाल ने कहा,‘सोमलिया के पूर्वी तटों और अदन की खाड़ी में एंटी पाइरेसी ऑपरेशन के लिए तैनात आईएनएस सुमित्रा ने ईरान के झंडे लगे मछली पकड़ने वाले जहाज ईमान के अपहरण के संबंध में सूचना पर कार्रवाई की. जहाज पर समुद्री लुटेरे चढ़ गए थे और चालक दल को बंधक बना लिया गया था.’ 

 

INS सुमित्रा ने रोका जहाज, SOP के अनुसार ही की कार्रवाई 

नौसेना के प्रवक्ता के मुताबिक आईएनएस सुमित्रा ने जहाज को रोका और समुद्री लुटेरों को चालक दल तथा जलपोत की सुरक्षित रिहाई के लिए बाध्य करने के वास्ते स्थापित मानक (SOP) के अनुसार ही काम किया. हिंद महासागर क्षेत्र में एंटी पायरेसी ऑपरेशन और समुद्री सुरक्षा अभियानों में भारतीय नौसैनिक युद्धपोतों की तैनाती समुद्र में सभी जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के प्रति भारतीय नौसेना के दृढ़संकल्प को दर्शाती है. 

मालवाहक तेल टैंकर पर लगी आग को किया था काबू

भारतीय नौसेना ने इससे पहले शनिवार को अदन की खाड़ी में एक मालवाहक तेल टैंकर पोत पर लगी आग पर काबू पाया था. पोत के चालक दल में 22 भारतीय थे और उस पर मिसाइल से किए गए हमले के बाद आग लग गई थी. मार्शल द्वीप वाले झंडे के जहाज एमवी मार्लिन लुआंडा से शुक्रवार रात की गई मदद के आह्वान के बाद भारतीय नौसेना ने जहाज की सहायता के लिए अपने युद्धपोत आईएनएस विशाखापत्तनम को तैनात किया था.