आज आधुनिक दौर में शायद ही कोई ऐसा हो जो इंटरनेट जा यूज न कर रहा हो. तकनीक ने हमारे कई काम आसान तो किए हैं, उंगलियों पर सभी तरह की समस्याओं का समाधान भी दिया है. लेकिन यूजर्स की कई तरह की नाजुक जानकारी भी फिंगर टिप पर अवेलेबल है. जिसका मतलब ये कि ठग इसका फायदा जरा सी आधुनिक तकनीक के साथ उठा सकते हैं. खासतौर पर ऐसे यूजर्स जो इंटरनेट और तकनीक से बहुत ज्यादा वाकिफ नहीं हैं, उनके साथ धोखाधड़ी के चांसेज भी बढ़ जाते हैं.  हाल ही में रकून नाम के मैलवेयर  (Raccoon Malware) की पहचान की गई है. इसके अटैक से जुड़ी कई रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं. हैकर इसका अपडेटेड वर्जन यूजर्स की पर्सनल जानकारी चुराने के लिए कर रहे हैं. पासवर्ड, फिंगर प्रिंट तक चोरी करने में इसका उपयोग किया जा रहा है. आपको बता दें रकून मैलवेयर सबसे पहले फ्रेंच साइबर सिक्योरिटी कंपनी Sekoia द्वारा जून में रिपोर्ट किया गया था.

कैसे बना रकून 2.0 (Raccoon Malware)

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सिक्योरिटी एनालिस्ट के मुताबिक रकून स्टीलर के ऑपरेशन को मार्च, 2022 में ही बंद कर दिया गया था. लेकिन अब रकून स्टीलर 2.0 को नई तरह से डिजाईन किया गया है जिसे खासतौर पर हैकिंग फोरम्स पर प्रमोट किया जा रहा है. नए फंक्शंस वाला रकून का अपग्रेडेड वर्जन C और C++ कंप्यूटर लैंग्वेजेस से तैयार किया है, इसके शुरुआती सैंपल्स पिछले महीने देखने को मिले हैं.

कैसे करता है काम 

यह नया रकून वायरस लगभग सभी तरह की जानकारी चुराने की कैपेसिटी रखता है जैसे कि-

बेसिक सिस्टम फिंगरप्रिंट इनफॉर्मेशन 

ब्राउजर पासवर्ड, कूकीज, ऑटोफिल डाटा, और सेव्ड क्रेडिट डाटा.

क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट और वेब ब्राउजर एक्सटेंशन से डाटा चोरी.

सभी डिस्क में इंडिविजुअल फाइल लोकेट करना.

स्क्रीनशॉट कैप्चर.

Installed Application लिस्ट.

ऐसे रहें सुरक्षित 

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इस तरह के वायरस से बचने के लिए आपको फाइल्स डाउनलोड करते समय बेहद सावधान रहने की जरूरत. आप अनजान links पर click और cracked software को install करने से बचें. ई-मेल में आने वाली अटैचमेंट्स फाइल्स डाउनलोड करते वक्त भी सतर्क रहें.