Cyber Crime, Artificial Intelligence: साइबर क्राइम के मामले पुलिस के लिए बड़ा सिरदर्द बन गए हैं. स्कैमर्स के नए-नए तरीकों से निपटना और लोगों को जागरूक करना पुलिस के लिए अभी भी चुनौती बना हुआ है. ऐसे में अब गुजरात राज्य की सूरत पुलिस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को साइबर क्राइम के खिलाफ अपना हथियार बनाएगी. सूरत पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि पुलिस आर्टिफिशियल (AI) की ट्रेनिंग अपने कर्मचारियों को देगी ताकि साइबर क्राइम पर लगाम लगाई जाए.  

Cyber Crime, Artificial Intelligence:  चुनी हुई भाषा में बात करेगा चैटबॉट, पास के पुलिस स्टेशन ढूंढने में करेगा मदद

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ANI से बातचीत में सूरत पुलिस के एडिशनल पुलिस कमिशनर शरद सिंघल ने कहा, 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नई पीढ़ी के बीच सबसे ज्यादा चर्चित विषय है.  इसका पहली बार सूरत साइबर सेल द्वारा इसका इस्तेमाल गुजरात के नागरिकों को साइबर अपराध से बचाने के लिए किया गया है. एक चैटबॉट बनाया गया है जो पीड़ितों के साथ उनकी चुनी हुई भाषा में संवाद करेगा.' साइबर क्राइम के पीड़ित अपने निकटतम पुलिस स्टेशन का पता लगाने के लिए 'Find My Police Station' फीचर का इस्तेमाल कर सकेंगे.

Cyber Crime, Artificial Intelligence: हेल्पलाइन की तरह काम करेगा पब्लिक इंटरफेस, अधिकारियों को दी जाएगी ट्रेनिंग

शरद सिंघल के मुताबिक,'यह पब्लिक इंटरफेस एक हेल्पलाइन की तरह काम करेगा, जो किसी भी वक्त पीड़ितों के साथ संवाद करेगा. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पुलिस को प्रत्येक क्षेत्र में मामलों की संख्या का पता लगाने में मदद करेगी. इसके बदले में, शहरों में साइबर अपराधों की सघनता और प्रकृति की पहचान करेगी.हमारे अधिकारियों को फिशिंग, स्टॉकिंग और सेक्सटॉर्शन में लिप्त साइबर अपराध गिरोहों को पकड़ने के लिए एआई का उपयोग करने के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी.'

गौरतलब है कि पिछले महीने पंजाब पुलिस ने आईआईटी रुड़की के साथ मिलकर पहली इन हाउस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग लैब की स्थापना करने के लिए समझौता पत्र (MOU) साइन किया था.