IPO Updates: पिछले कुछ महीनों में प्राइमरी मार्केट में बहुत एक्शन दिखा. दर्जनों कंपनियां बाजार में लिस्ट हुईं और ज्यादातर IPO को कई गुना सब्सक्रिप्शन मिले हैं.  AIBI यानी एसोसिएशन ऑफ इन्वेस्टमेंट बैंकर्स ऑफ इंडिया के कार्यक्रम में SEBI प्रमुख माधवी पुरी बुच ने कहा कि IPO में बहुत ज्यादा ट्रेडर्स आ रहे हैं न कि निवेशक. Mule अकाउंट का इस्तेमाल ओवर-सब्सक्रिप्शन दिखाने में किया जा रहा है. सेबी को इसके संकेत मिले हैं. इसे रोकने के कदम जल्द उठाए जाएंगे.

रीटेल निवेशकों को लिस्टिंग के बाद निवेश करना चाहिए

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SEBI प्रमुख ने हा कि रीटेल निवेशकों को IPO के बाद सेकंडरी मार्केट में निवेश करना चाहिए. IPO में प्राइस डिस्कवरी सटीक नहीं होती है. बड़ी संख्या में लोग लिस्टिंग के बाद जल्दी ही बेच कर निकल जाते हैं. डेटा के मुताबिक, लिस्टिंग के 1 हफ्ते के भीतर 43% रीटेल निवेशक शेयर बेचकर निकल जाते हैं. वहीं, 68% HNI यानी हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स लिस्टिंग के 1 हफ्ते के भीतर शेयर बेचकर निकल जाते हैं.

IPO मंजूरी का समय घटा है

माधबी पुरी बुच ने कहा कि IPO मार्केट में तेजी का श्रेय पूरे इकोसिस्टम को है. तेजी का क्रेडिट इकोनॉमी, अच्छी कंपनियों को जाना चाहिए. वक्त के साथ IPO की मंजूरी में लगने वाला समय घटा है. इंटीग्रिटी के जरिए प्राइमरी मार्केट में भरोसा सुनिश्चित करने का लक्ष्य है. 

IPO में ज्यादातर ट्रेडर्स पैसा लगा रहे हैं

सेबी प्रमुख ने कहा कि अगर कोई निवेशक हालिया लिस्टेड कंपनी में निवेश करना चाहता है उसे कम से कम एक तिमाही के रिजल्ट का इंतजार करना चाहिए.  अगर कोई ट्रेडर है तो उसके लिए आईपीओ में निवेश करना सही है क्योंकि वोलाटिलिटी पार्ट ऑफ गेम होता है.

3 IPO की जांच की जा रही है

सेबी की तरफ से IPO ओवर सब्सक्रिप्शन के 3 मामले मिले हैं जिनकी जांच की जा रही है. सेबी ने पाया कि mule अकाउंट का इस्तेमाल कर सब्सक्रिप्शन बढ़ाया गया है. सेबी डाटा देखकर और एनालिसिस करेगी और कड़े कदम उठाएगी. सेबी प्रमुख ने कहा कि ऑटोमेशन के जरिए इश्यू डॉक्यूमेंट में खामियां पकड़ी जाएंगी. इससे खामियां जल्दी पकड़ में आने से इश्यू पर नजरिया बनाना आसान होगा.