भारतीय शेयर बाजार में लौटी तेजी से निवेशकों के चहरे पर एक बार रौनक लौट आई है. इसकी बड़ी वजह है बाजार में विदेशी निवेशकों की खरीदारी. डिपॉजिटरी आंकड़ों के मुताबिक FIIs ने नवंबर में जोरदार खरीदारी की. नतीजतन, बाजार के प्रमुख इंडेक्स निफ्टी, बैंक निफ्टी समेत सेंसेक्स ने नए शिखर को छुआ. पूरे महीने में प्रमुख इंडेक्स में 3-6 फीसदी तक की जोरदार उछाल दर्ज की गई. 

2022 में तीसरे महीने FIIs की खरीदारी

COMMERCIAL BREAK
SCROLL TO CONTINUE READING

जारी आंकड़ों के मुताबिक शेयर बाजार में FIIs ने नंवबर में 36,329  करोड़ रुपए के शेयरों की खरीदारी की. इसकी वजह अमेरिकी डॉलर इंडेक्स और भारत में मजबूत मैक्रो इकोनॉमिक आंकड़े रहे. 2022 में नवंबर तीसरा महीना रहा जब विदेशी निवेशकों ने खरीदारी की. इससे पहले जुलाई और अगस्त महीने में भी FIIs नेट बायर्स रहे थे. चालू महीने यानी दिसंबर की बात करें तो इसकी भी शुरुआत पॉजिटिव हुई है. जो आगे भी पॉजिटिव रह सकती है.

भारतीय बाजार में क्यों लौटी खरीदारी?

अरिहंत कैपिटल की होल टाइम डायरेक्टर अनीता गांधी के मुताबिक दिसंबर का महीना भी FIIs के निवेश के लिहाज से भी पॉजिटिव रह सकता है. हालांकि, इस दौरान महंगे शेयरों के बजाय वैल्यू स्टॉक्स पर शिफ्ट देखने को मिल सकता है.  

TrustPlutus Wealth (India) के निवेश सलाहकार कैजाद होजदार ने कहा कि अमेरिका में महंगाई दर घटने, क्रूड की कीमतों में नरमी, मेटल में गिरावट समेत US फेड का ब्याज दरों में कम बढ़ोतरी के संकेत से पॉजिटिव सेंटीमेंट देखने को मिला.  

लंबी बिकवाली के बाद लौटी खरीदारी

अनीता गांधी कहती हैं कि दूसरी तिमाही में बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के अनुमान के मुताबिक प्रदर्शन का भी असर देखने को मिला. क्योंकि इससे इक्विटी मार्केट में FPIs फ्लो बेहतर रहा. अगस्त में FPIs ने 51200 करोड़ रुपए और जुलाई में 5000 करोड़ रुपए का निवेश किया था. इससे पहले विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में लगातार 9 महीनों तक बिकवाली की थी. क्योंकि अमेरिकी डॉलर में लगाता उछाल देखने को मिल रहा था. 

Zee Business Hindi Live TV यहां देखें

FIIs ने किन सेक्टर्स में की खरीदारी

2022 में FIIs के बिकवाली का आंकड़ा देखें तो यह 1.25 लाख करोड़ रुपए है. जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के विजयकुमार के मुताबिक  डॉलर इंडेक्स में उछाल से ट्रेंड भी ऊपर चढ़ता है. नतीजतन, निवेशक भारतीय बाजार में बिकवाली करते हैं. इसी तरह जब डॉलर इंडेक्स में नरमी आती है तब शेयर की खरीदारी देखने को मिलती है.  सेक्टर के लिहाज से देखें तो FPIs ने फाइनेंशियल सर्विसेज, IT, ऑटो, FMCG, कैपिटल गुड्स और टेलीकॉम में खरीदारी की.