भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बृहस्पतिवार को कहा कि केंद्रीय बैंक क्रिप्टो करेंसी नियमों पर दूसरों का अनुकरण नहीं करेगा और ‘‘जो दूसरे बाजार के लिए अच्छा है, जरूरी नहीं कि वह हमारे लिए भी अच्छा हो.’’ अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग द्वारा अमेरिका में बिटकॉइन एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड के निर्माण की अनुमति देने के लिए बदलावों को मंजूरी देने के बाद उनका यह बयान आया है. उन्होंने जोर देकर कहा कि क्रिप्टो करेंसी के प्रति बैंक और उनका अपना विरोध नहीं बदलेगा. उन्होंने कहा कि उभरते बाजार और दुनिया ‘‘क्रिप्टो को लेकर दीवानगी’’ से निपट नहीं पाएगी.

क्रिप्टो के जोखिमों का दिया हवाला

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क्रिप्टो करेंसी नियमों पर दास ने कहा, ‘‘ जो दूसरे बाजार के लिए अच्छा है, जरूरी नहीं कि वह हमारे लिए भी अच्छा हो. इसलिए हमारे विचार, रिजर्व बैंक के और व्यक्तिगत रूप से मेरे..वही रहेंगे.’’ दास ने एक मीडिया हाउस की ओर से आयोजित बीएफएसआई शिखर सम्मेलन में यह बात कही. आरबीआई गवर्नर ने कहा कि उभरती बाजार अर्थव्यवस्थाओं और उन्नत अर्थव्यवस्थाओं के लिए क्रिप्टो करेंसी के रास्ते पर चलने से कई जोखिम उत्पन्न होंगे जिनसे निपटना बेहद मुश्किल होगा. 

अमेरिका के इस कदम पर क्या बोले गवर्नर?

क्रिप्टो करेंसी के संबंध में अमेरिका के कदम के बारे में पूछे जाने पर दास ने कहा, ‘‘ सवाल यह है कि आप उस रास्ते पर क्यों जाना चाहते हैं? आपको क्या मिलने वाला है? ’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं इसपर टिप्पणी नहीं करना चाहता कि किसी दूसरे देश के नियामक ने क्या किया है. वे जानते हैं कि उनके देश के लिए सबसे अच्छा क्या है, लेकिन मैं यह कहना चाहूंगा कि उन्होंने स्वयं उत्पाद में जोखिमों को चिह्नित किया है और लोगों को बहुत सावधान रहने की सलाह दी है.’’ 

यह पूछे जाने पर कि क्या वह आगामी लेखानुदान को मुद्रास्फीति बढ़ाने वाला मानते हैं, उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए उन्हें नहीं लगता कि अंतरिम बजट से महंगाई बढ़ेगी. गवर्नर ने रूस-यूक्रेन युद्ध की शुरुआत के बाद से मूल्य वृद्धि को रोकने के लिए सरकार द्वारा आपूर्ति को लेकर उठाए गए कई उपायों का भी जिक्र किया.