सरकार ने सभी ई-कॉमर्स (E-commerce) कंपनियों से उनके पोर्टल से बॉर्नविटा (Bournvita) समेत विभिन्न पेय पदार्थों को स्वास्थ्यवर्द्धक पेय पदार्थ की श्रेणी से हटाने का निर्देश दिया है. वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने सभी ई-कॉमर्स कंपनियों को एक परामर्श में कहा कि बाल अधिकार संरक्षण आयोग (सीपीसीआर) अधिनियम 2005 की धारा (3) के तहत गठित एक वैधानिक निकाय राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने सीआरपीसी अधिनियम 2005 की धारा 14 के तहत अपनी जांच के बाद यह निष्कर्ष निकाला हैं.

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अधिकार संरक्षण आयोग ने कहा है कि एफएसएस अधिनियम 2006, एफएसएसएआई और मोंडेलेज इंडिया फूड प्राइवेट लिमिटेड की तरफ से प्रस्तुत नियमों और विनियमों के तहत कोई ‘स्वास्थ्यवर्द्धक पेय’ परिभाषित नहीं है. यह आदेश 10 अप्रैल, 2024 को जारी किया गया है, जिसे जल्द से जल्द लागू करने को कहा है. 

इसमें कहा गया कि सभी ई-कॉमर्स कंपनियों/पोर्टलों को सलाह दी जाती है कि वे अपने मंच/साइट से बोर्नविटा समेत अन्य पेय पदार्थों को स्वास्थ्यवर्द्धक पेय की श्रेणी से हटा दें. खाद्य सुरक्षा मानक नियामक एफएसएसएआई ने दो अप्रैल को सभी ई-कॉमर्स खाद्य व्यवसाय संचालकों (एफबीओ) को उनकी वेबसाइट पर बेचे जा रहे खाद्य उत्पादों का उचित वर्गीकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था.