देश में एलईडी बल्ब (LED) की डिमांड तेजी से बढ़ रही है. एलईडी (LED) को लाइट एमिटिंग डायोड कहते है. जब इलेक्ट्रॉन अर्धचालक पदार्थ से होकर गुजरता है तो छोटे कणों को रोशनी प्रदान करता है, जिन्हें एलईडी (LED) कहा जाता है. यह सबसे ज्यादा उर्जा और रोशनी देता है. खास बात ये है कि एलईडी बल्ब को रिसाइकिल (recycled) किया जा सकता है. एलईडी में सीएफएल (CFL) बल्बों की तरह पारा (mercury) नहीं होता है, लेकिन इसमें लेड (lead) और निकल (Nickel) जैसे घटक शामिल होते है. 

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बिजली की कम खपत

एलईडी (LED) बल्ब CFL की तुलना में कम बिजली खपत करता है. CFL से एक वर्ष में  करीबन 80% की  ऊर्जा लागत होती है. LED बल्ब सीएफएल की तुलना में महंगा होता है. एक LED बल्ब की लाइफ आमतौर पर 50000 घंटे या अधिक होती है जबकि सीएफएल CFL बल्ब की 8000 घंटे तक ही होती है. एलईडी बल्ब टिकाऊ और लंबे समय तक चलता है.

शुरू करें अपना बिजनेस

ऐसे में, अगर आप अपना बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो LED बल्ब का बिजनेस शुरू कर सकते हैं. मिनिस्ट्री ऑफ माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज के तहत कई संस्थान एलईडी बल्ब बनाने की ट्रेनिंग दे रहे हैं.

यहां से ले सकते हैं ट्रेनिंग

दिल्ली के पश्चिम विहार स्थित भारती विद्यापीठ डीम्ड यूनिवर्सिटी LED बल्ब बनाने का एक कोर्स करवाती है. करीब 5000 रुपए इस कोर्स की फीस रखी गई है. यहां आपको एलईडी के बारे में हर बारीक से बारीक जानकारी दी जाएगी और एलईडी बनाने के तरीकों के बारे में बताया जाएगा.

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बताई जाएंगी ये बातें

एलईडी बल्ब बनाने की ट्रेनिंग के दौरान आपको बेसिक आफ एलईडी, बेसिक ऑफ पीसीबी, एलईडी ड्राइवर, फिटिंग-टेस्टिंग, मैटेरियल की खरीद, मार्केटिंग, सरकारी सब्सिडी स्कीम आदि के बारे में बताया जाएगा.

ऐसे करें अप्लाई

अगर आप ट्रेनिंग लेकर एलईडी बल्ब बनाने का खुद का बिजनेस शुरु करना चाहते हैं तो आप 99711-2866, 82175-82663 या 88066-14948 पर कॉल कर सकते हैं.