Luxury House Demand & Sales: देश में कोरोना के बाद से अफोर्डेबल हाउसिंग की डिमांड तेजी से बढ़ रही है. अफोर्डेबल हाउसिंग ही नहीं बल्कि लग्जरी घरों की डिमांड में भी तेजी दर्ज हुई है. इसके अलावा लग्जरी घरों की कीमतों में भी उछाल देखने को मिला है. ऊंची आर्थिक हैसियत वाले लोग (HNIs) अब लग्जरी आवासीय इकाइयों को खरीदने में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं. यही वजह है कि पिछले साल देश के सात प्रमुख शहरों में चार करोड़ रुपये या उससे अधिक दाम के घरों की बिक्री में 75 प्रतिशत की भारी वृद्धि देखी गयी. रियल एस्टेट सलाहकार कंपनी CBRI ने बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी. 

इन 7 शहरों में लग्जरी घरों की कीमत में उछाल

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इस रिपोर्ट के मुताबिक, 7 प्रमुख शहरों में से दिल्ली-एनसीआर में सबसे अधिक तेजी रही और यहां लग्जरी घरों की बिक्री में लगभग तीन गुना उछाल आया. इस रिपोर्ट के मुताबिक, कैलेंडर वर्ष 2023 में चार करोड़ रुपये या उससे अधिक कीमत के 12,935 घरों की बिक्री हुई जबकि साल 2022 में यह संख्या 7,395 इकाई थी. 

इस तरह लक्जरी घरों की बिक्री में 75 प्रतिशत का बड़ा उछाल देखा गया. सीबीआरई के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, पश्चिम एशिया एवं अफ्रीका) अंशुमान मैगज़ीन ने कहा, "बदलते परिदृश्य के बीच प्रीमियम और लग्जरी आवासीय क्षेत्रों का आकर्षण बने रहने की उम्मीद है क्योंकि इसे अनुकूल बाजार स्थितियों से समर्थन हासिल है.

दिल्ली-एनसीआर में खरीदे गए इतने लग्जरी घर

रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में लग्जरी घरों की बिक्री एक साल पहले की 1,860 इकाई से बढ़कर 2023 में 5,530 इकाई हो गई. मुंबई में यह आंकड़ा 3,390 यूनिट्स से बढ़कर 4,190 यूनिट्स हो गया जबकि हैदराबाद में लग्जरी घरों की बिक्री 1,240 यूनिट्स से बढ़कर 2,030 यूनिट्स हो गई. 

पुणे-कोलकाता का कैसा रहा हाल?

पुणे में पिछले साल 450 इकाइयों की बिक्री देखी गई जबकि बेंगलुरु में लग्जरी घरों की बिक्री 265 इकाइयों पर स्थिर रही. कोलकाता में लग्जरी घरों की बिक्री मामूली रूप से बढ़कर 310 इकाई हो गई जबकि चेन्नई में यह संख्या 160 इकाई पर पहुंच गई. रियल्टी फर्म क्रिसुमी कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक मोहित जैन ने कहा, "उच्च आर्थिक वृद्धि होने से खर्च-योग्य आय बढ़ी है और बेहतर नौकरी के अवसर भी बढ़ रहे हैं. 

इससे बेहतर जीवनशैली तक कई लोगों की पहुंच हो गई है. भारत की तीव्र वृद्धि और लगातार बढ़ती आर्थिक समृद्धि से आगे इसमें और तेजी आने की उम्मीद है. सीबीआरई के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2023 में बिकने वाले कुल घरों की संख्या 3,22,000 इकाई हो गई जो सालाना आधार पर नौ प्रतिशत अधिक है.