Indian Railways Interesting Facts: भारतीय रेल (Bhartiya Rail) काफी सुविधाजनक है. हर दिन करोड़ों लोग ट्रेन से सफर करते हैं. लेकिन इन दिनों ट्रेन से सफर करने वाले भी काफी परेशान हो रहे हैं. इसका कारण है कोहरा. इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है. ठंड के साथ आसमान पर पर घने कोहरे की चादर सी छाई रहती है, जिसके कारण ट्रेनें हर दिन लेट हो रही हैं. इतना ही नहीं, कोहरे के कारण आए दिन अचानक से तमाम ट्रेनों को कैंसिल कर दिया जाता है, जिससे यात्री परेशान हो जाते हैं. कोहरे की वजह से ट्रेनों की लेटलतीफी को तो समझा जा सकता है, लेकिन ट्रेनें कैंसिल क्‍यों की जाती हैं, कभी से सोचा है आपने? आइए यहां बताते हैं इसका जवाब.

आपकी सुरक्षा के कारण लिया जाता है फैसला

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कोहरे के कारण ट्रेनों को कैंसिल करने का फैसला काफी सोच समझकर और आपकी सुरक्षा का ध्‍यान रखते हुए लिया जाता है. दरअसल किसी भी ट्रेन को उसकी निर्धारित स्पीड से चलाने के लिए लोको पायलट को एक निश्चित दूरी (करीब 600 से 800 मीटर) से सिग्‍नल दिखना आवश्यक है, ताकि किसी भी स्थिति को दूर से देखकर जरूरी एक्‍शन लिया जा सके. लेकिन कोहरे के कारण दृश्‍यता काफी कम हो जाती है. कई बार तो कोहरे के कारण रात के समय में  दृश्‍यता 25 से 50 मीटर तक हो जाती है. ऐसे में लोको पायलट के लिए सिग्‍नल देखना काफी मु‍श्किल हो जाता है. 

लिहाजा ऐसी स्थिति में ट्रेन की अधिकतम गति सीमा (Maximum Speed Limit) को घटाकर कम कर दिया जाता है. जिसके कारण ट्रेनें धीमी गति से चलती हैं क्‍योंकि अगर एक भी लाल सिग्नल पार हो गया, तो यात्रियों की जान पर बात बन सकती है. ट्रेनों की स्‍पीड बेहद कम होने के कारण ट्रैक की व्‍यस्‍तता की अवधि बढ़ती है और इसके कारण पीछे आने वाली तमाम गाड़‍ियों की आवाजाही भी प्रभावित होती है. इस वजह से सभी ट्रेनों को सुचारू रूप से चला पाना रेलवे के लिए संभव नहीं हो पाता. ऐसे में स्थिति के हिसाब से रेलवे की ओर से कुछ ट्रेनों के रूट डायवर्ट कर दिए जाते हैं और कुछ ट्रेनों को रद्द यानी कैंसिल कर दिया जाता है. 

उदाहरण से समझें 

मान लीजिए कि कोई ट्रेन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है और उसे अगले स्‍टेशन पर पहुंचने में आधा घंटे का समय लगता है. लेकिन कोहरे के कारण ट्रेनों की अधिकतम गति सीमा घटाकर 60 किमी प्रति घंटा कर दिया गया है. ऐसे में सभी ट्रेनें अगले स्‍टेशन पर देर से पहुंचेंगीं. 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली ट्रेन 60 की स्‍पीड से चलेगी, तो पहले से कम स्‍पीड में चलने वाली ट्रेनों की रफ्तार और कम हो सकती है. जाहिर है कि इस स्थिति में हर ट्रेन को अपने गंतव्‍य तक पहुंचने में टाइम ज्‍यादा लगेगा और रेलवे ट्रैक की इंगेजमेंट भी ज्‍यादा होगी. इन स्थितियों में सभी ट्रेनें नहीं चलाई जा सकतीं. यही वजह है कि कोहरे के समय कई ट्रेनों को कैंसिल कर दिया जाता है.

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