IRCTC-Swiggy Deal: ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक खुशखबरी है. अब उन्‍हें सफर करते हुए खाने-पीने को लेकर ज्‍यादा परेशान नहीं होना होगा. IRCTC इस दिशा में लगातार काम कर रहा है. इस कड़ी में IRCTC की ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप Swiggy के साथ डील हो गई है. ऐसे में अब ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों को न तो प्‍लेटफॉर्म पर बिकने वाला खाना खाने के लिए मजबूर होना होगा और न ही पैन्‍ट्री कार में बने फूड को खाने को खाकर मायूस होना होगा. वो स्विगी के जरिए अपनी पसंद का गर्मागर्म खाना ट्रेन में मंगवा सकेंगे.

रेलवे के A1 और A2 क्लास स्टेशन पर मिलेगी सुविधा

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आईआरसीटीसी ने फूड ऑर्डरिंग सिस्टम को और मजबूत करने के लिए ये डील की है. ये सुविधा रेलवे के A1 और A2 क्लास स्टेशन पर मिलेगी. देशभर में इस श्रेणी में 350 से ज्यादा स्टेशन हैं. इन स्टेशन पर ट्रेन ज्यादा देर रुकती है. इसकी शुरुआत बेंगलुरु, भुवनेश्वर, विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम 4 स्‍टेशनों से होगी. अगले 6 महीने में 60 स्टेशन पर सुविधा का विस्तार किया जाएगा. 

रेस्टोरेंट के रेट ही लागू होंगे

आईआरसीटीसी और स्विगी की इस डील के बाद अब ट्रेन में यात्रा करने वाले पैसेंजर्स IRCTC ई-कैटरिंग पोर्टल के जरिए स्विगी पर ऑर्डर कर सकेंगे. यात्री को समय रहते ऑर्डर करना होगा. पैसेंजर्स तक ऑर्डर पहुंचाने के लिए स्विगी के लोग स्‍टेशन पर ही मौजूद होंगे. Swiggy से फूड ऑर्डर करते समय यात्रियों के लिए रेस्टोरेंट के रेट ही लागू होंगे. हालांकि डिलीवरी के लिए चार्ज सामान्य से थोड़ा ज्यादा होगा. बता दें कि स्विगी से पहले IRCTC ने ट्रेन में प्री ऑर्डर फूड डिलीवरी के लिए जोमैटो के साथ भी डील की थी. जोमैटो के साथ डील अभी 63 स्टेशन पर है. धीरे-धीरे इनकी सर्विसेस में विस्तार होगा.

ये कहना है सीएमडी का

इस मामले में आईआरसीटीसी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) संजय कुमार जैन का कहना है कि फिलहाल हम ई-कैटरिंग पर फोकस बढ़ा रहे हैं. रोजाना 60 हजार डिलीवरी को 1 लाख करने का लक्ष्य है. Swiggy समेत कुल 18 एग्रीगेटर फिलहाल पोर्टफोलियो का हिस्सा हैं. जल्द कुछ और भी जुड़ जाएंगे. हम लगातार खाना और उसकी क्वालिटी को लेकर काम कर रहे हैं. 

जल्‍द ही AI और तकनीक के इस्तेमाल से मॉनिटरिंग बढ़ाएंगे. ट्रेन में मौजूद सुपरवाइजर को रियल टाइम अपडेट मिलेगी. Rail Madad पोर्टल पर आने वाली शिकायतें सीधे जानकारी में आने से एक्शन आसान होगा. क्वॉलिटी सुधार के लिए बेस किचन का प्रयोग बढ़ा रहे हैं. अब यात्री ऐप की मदद से खाने का ऑर्डर कर सकते हैं. कुछ सेकंड्स में ऑर्डर की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी. थोड़ा अतिरिक्त चार्ज देना होगा. स्टेशन पर एक और डिलीवरी पार्टनर होगा जो बर्थ तक खाना पहुंचाएगा.