Farmer Protest DMRC: दिल्ली में 13 फरवरी को किसानों के 'दिल्ली चलो' मार्च का असर सड़कों पर देखने को मिला. केंद्रीय मंत्रियों और किसानों की बैठक के नतीजा रहने के बाद दिल्ली के अंदर आने से किसानों को रोकने के लिए सभी बॉर्डर सील कर दिए गए हैं. इसके साथ ही दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने बताया कि देश की राजधानी की तरफ किसानों के मार्च को देखते हुए कई मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद किए जा सकते हैं. 

इन मेट्रो स्टेशनों के गेंट हो सकते हैं बंद

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DMRC ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "सर्विस अपडेट: सुरक्षा निर्देशों के अनुसार निम्नलिखित स्टेशनों में कुछ गेट बंद किए जा सकते हैं. हालांकि, स्टेशन चालू हैं."

 

दिल्ली मेट्रो के अनुसार, जो गेट बंद रह सकते हैं, उनमें केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक, उद्योग भवन, पटेल चौक, मंडी हाउस, बाराखंभा रोड, जनपथ, खान मार्केट और लोक कल्याण मार्ग शामिल है.

आप ने साधा केंद्र पर निशाना

इससे पहले दिन में दिल्ली की AAP सरकार ने किसानों के विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया और कहा कि वह किसानों को दिल्ली तक मार्च करने से रोकने के लिए बवाना स्टेडियम को जेल में बदलने की सहमति नहीं दे सकती. AAP ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि केंद्र किसान विरोधी है और इसलिए शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है.

आम आदमी पार्टी ने कहा, "ये कीलें और बैरिकेड्स देश के अन्नदाताओं के प्रति मोदी सरकारी की नफरत का सबसे बड़ा सबूत हैं. अन्नदाता किसान जो देश का पेट भरने के लिए जमीन पर फसल उगाते हैं. मोदी ने किसानों को रोकने के लिए रास्ते में कीलों का जाल बिछा दिया है." 

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर छोड़ी आंसू गैस

इस बीच, पंजाब-हरियाणा शंभू सीमा पर मंगलवार को अराजक दृश्य देखने को मिला, जब दिल्ली की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारी किसानों ने पुलिस बैरिकेड तोड़ने का प्रयास किया. शंभू सीमा पार करने की कोशिश करते समय किसानों को अपने ट्रैक्टरों के साथ सीमेंट बैरिकेड को हटाने का प्रयास करते देखा गया. पुलिस ने पंजाब-हरियाणा शंभू सीमा पर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस छोड़ी क्योंकि उन्होंने बहुस्तरीय बैरिकेड्स को तोड़ने की कोशिश की थी.