रेलवे की कंसल्टेटिव कमेटी की बैठक में केटरिंग सेवाओं को लेकर चर्चा हुई है. रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव की अध्यक्षता में बैठक हुई  है. बैठक की चर्चा में केटरिंग को लेकर बड़े पैमाने पर बदलाव का प्लान दिया गया है. जल्द सुझावों के साथ केटरिंग सेवा अपग्रेड होगी. औचक निरीक्षण और थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन को भी बढ़ाने पर विचार किय गया है. जी बिजनेस ने कुछ दिनों पहले ही केटरिंग सेवाओं, क्वालिटी और ओवर चार्जिंग पर रिपोर्ट दिखाई गई थी.

कराया गया है थर्ड पार्टी ऑडिट

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पीआईबी की प्रेस रिलीज के मुताबिक इंडियन रेलवे की एक केटरिंग पॉलिसी है, जिसका उद्देश्य रेल यात्रियों को अच्छा खाना प्रदान करना है. रेल मंत्रालय ने आईआरसीटीसी को ये अधिकार दिया है वह ट्रेन में मेन्य और केटरिंग सर्विस से जुड़े निर्णय ले सके. इसमें यात्रियों की सुविधाओं के मद्देनजर स्थानीय खान-पान, मौसमी व्यंजन को तय करना का भी अधिकार दिया जाता है. क्वालिटी और सर्विस स्टैंडर्ड को बनाए रखने के लिए थर्ड पार्टी ऑडिट भी करवाया जाता है. इसके अलावा रेगुलर और सरप्राइज इंस्पेक्शन भी किए जाते हैं. 

IRCTC ने दी थी चेतावनी

IRCTC ने इससे पहले चेतावनी दी थी कि वेंडर्स को ओवरचार्जिंग की प्रैक्टिस पर तत्काल रोक लगानी होगी. ये प्रैक्टिस यदि नहीं रुकी तो A la carte व्यवस्था बंद की जा सकती है. वहीं,  रोकथाम लगाने के लिए भीड़ वाले रूट्स पर ट्रेनों में छोटी टोली में औचक निरीक्षण होगी. इसके लिए आईआरसीटीसी ने 10 रूट्स पर ट्रेनों का चयन किया गया था.इसके अलावा, प्रीमियम ट्रेनों में आईआरसीटीसी के मैनेजर होते हैं, कुछ महत्वपूर्ण ट्रेनों में भी सुपरवाइजर रखने की योजना थी. 

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क्या कदम उठा रहा है IRCTC?

रेलवे स्टेशन और ट्रेन में वेंडर्स द्वारा ओवरचार्जिंग के मामलों को संज्ञान में लेते हुए IRCTC ने वेंडर्स को नोटिस भेजना शुरू किया. IRCTC ने बताया था कि पहली बार शिकायत मिलने पर वेंडर्स को चेतावनी के रूप में नोटिस जारी किया जाएगा. अगर वेंडर्स फिर भी नहीं सुधरते हैं और उनकी आगे भी शिकायत मिलती है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. ऐसी स्थिति में वेंडर्स के उपर आर्थिक जुर्माना लगाने से लेकर लाइसेंस तक रद्द किया जा सकता है.