पब्लिक प्रोविडेंट फंड (Public Provident Fund-PPF) उन लोगों के लिए निवेश की बेहतर स्‍कीम मानी जाती है जो लंबे समय के लिए इन्‍वेस्‍टमेंट करना चाहते हैं और रिटर्न के मामले में किसी तरह का रिस्‍क लेने के लिए तैयार नहीं हैं. पीपीएफ ऐसी स्‍कीम है जिसमें गारंटीड रिटर्न मिलता है. ये स्‍कीम 15 सालों के लिए होती है. मौजूदा समय में इस स्‍कीम पर 7.1 फीसदी के हिसाब से ब्‍याज मिल रहा है. अगर आप भी इस स्‍कीम में‍ निवेश करना चा‍हते हैं तो आपको कुछ ऐसी बातों के बारे में जरूर जान लेना चाहिए, जिन पर अक्‍सर लोग ध्‍यान नहीं देते.

ब्‍याज दर बदलने की आशंका

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पीपीएफ पर दिया जाने वाला ब्याज (Interest on PPF) वित्त मंत्रालय तय करता है. इसकी हर तिमाही में समीक्षा की जाती है. ऐसे में ब्‍याज दर बदलने की आशंका रहती है. अगर पिछली ब्‍याज दरों पर नजर डालें तो साल 2013 में पीपीएफ पर 8.8 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलता था. बाद में 2014 में ये घटकर 8.7 प्रतिशत हो गई. इसके बाद इसमें बड़ा बदलाव साल 2016 में हुआ और पीपीएफ की ब्याज दर 8.1 प्रतिशत पर आ गई. इसके बाद 2016 में ही एक और बार कटौती की गई और 1 अक्टूबर 2016 को पीपीएफ की ब्याज दर 8 प्रतिशत पर आ गई. 

इसके बाद अगला बदलाव साल 2017 में हुआ हौर 1 अप्रैल को सरकार ने पीपीएफ की ब्याज दर घटाकर 7.9 प्रतिशत हो गया. इसके तीन महीने बाद ही जुलाई 2017 में पीपीएफ के ब्याज को 7.8 प्रतिशत कर दिया गया. 1 जनवरी 2018 पीपीएफ का ब्याज दर को घटाकर 7.6 प्रतिशत कर दिया गया. हालांकि 1 अक्टूबर 2018 को इसे फिर से बढ़ाया गया और 8 प्रतिशत किया गया. 1 जुलाई 2020 में ये ब्‍याज दर दोबारा घटा दी गई और इसे  7.9 प्रतिशत कर दिया गया. इसके बाद सरकार ने 1 अप्रैल 2020 को इसमें कटौती की और पीपीएफ ब्‍याज दर को 7.1 प्रतिशत कर दिया गया. तब से अब तक ये ब्‍याज दर 7.1 प्रतिशत पर बनी हुई है.

एक से ज्‍यादा अकाउंट नहीं

जिस तरह आप कई एफडी करवा सकते हैं, एक से ज्‍यादा आरडी अकाउंट ओपन करवा सकते हैं, ऐसी सुविधा आपको पीपीएफ में नहीं मिलती है. आप पीपीएफ में सिर्फ एक ही अकाउंट चला सकते हैं. हालांकि, अपने नाबालिग बच्‍चे के नाम PPF Account खुलवाते समय अभिभावक के रूप में आप जरूर शामिल हो सकते हैं, लेकिन उसमें भी माता या पिता में से कोई एक ही अभिभावक बन सकता है.

जॉइंट अकाउंट का ऑप्‍शन नहीं

जिस तरह सेविंग अकाउंट, आरडी या किसी अन्‍य स्‍कीम में आपको जॉइंट अकाउंट का ऑप्‍शन मिल जाता है, पीपीएफ में ऐसा नहीं है. इसे सिर्फ एक ही व्‍यक्ति अपने नाम से खुलवा सकता है. लेकिन आप इसमें नॉमिनी जरूर बना सकते हैं और जमा पर सबके हिस्से भी तय कर सकते हैं.

कई स्‍कीम दे रही हैं बेहतर ब्‍याज

आज के समय में पीपीएफ पर आपको 7.1 फीसदी के हिसाब से ब्‍याज मिल रहा है, लेकिन मौजूदा समय में ऐसी तमाम स्‍कीम्‍स हैं, जो पीपीएफ से बेहतर ब्‍याज दे रही हैं. ऐसे में SIP की बात करें तो उसमें औसतन 12 फीसदी तक रिटर्न मिल जाता है. लंबे समय तक निवेश करने पर काफी अच्‍छा पैसा जोड़ा जा सकता है. इसके अलावा सरकार की सुकन्‍या समृद्धि में 8 फीसदी, सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम पर 8.2 फीसदी ब्‍याज मिल रहा है. इसके अलावा 2023 के बजट में महिलाओं के लिए घोषित की गई नई स्कीम 'महिला सम्मान बचत पत्र' में भी 7.5 फीसदी के हिसाब से ब्‍याज मिल रहा है.

 

NRI नहीं कर सकते निवेश

अगर आप NRI की कैटेगरी में आते है तो आप पीपीएफ अकाउंट में निवेश नहीं कर सकते हैं. हालांकि अगर पहले से आपका PPF अकाउंट खुला हुआ है और बीच में आपको NRI का दर्जा मिलता है, तो आप अपने अकाउंट को जारी रख सकते हैं, लेकिन इसमें मैच्‍योरिटी के बाद आपको अकाउंट एक्‍सटेंशन का विकल्‍प नहीं मिलेगा.