छोटी बचत और सही निवेश के जरिए आप बड़ी पूंजी तैयार कर सकते हैं. निवेश के लिहाज से हर कोई जल्द रिटर्न देने वाले ऑप्शन की तलाश करता है. ज्यादातर लोग स्टॉक मार्केट, बैंक एफडी, SIP और PF जैसे फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स की तरफ देखते हैं. लेकिन, इन सबसे अलग अगर पोस्ट ऑफिस में आप निवेश करते हैं तो यहां जल्दी ही आपके करोड़पति बनने की संभावना है. फाइनेंशियल प्लानिंग करके पोस्ट ऑफिस में निवेश करना हमेशा से फायदेमंद रहा है. पोस्ट ऑफिस के कई ऐसे प्रोडक्ट हैं, जिनमें निवेश करके आप फाइनेंशियली खुद को मजबूत बना सकते हैं.

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मैच्योरिटी के बाद बढ़ाएं निवेश

Post office में निवेश करते वक्‍त योजना की निवेश अवधि को ध्‍यान में रखना चाहिए. दरअसल, कुछ स्कीमों में निवेश 5 साल में पूरा होता है तो कुछ 15 साल के लिए होता है. ऐसे में अगर करोड़पति बनना है तो निवेश को आगे बढ़ाना होगा. मैच्‍योरिटी के बाद लगातार दोबारा निवेश करना चाहिए.

मिलती है टैक्‍स छूट

पोस्‍ट ऑफिस में कुछ निवेश ऐसे हैं, जिनमें निवेश पर अच्‍छे ब्‍याज के साथ ही इनकम टैक्‍स में छूट भी मिलती है. इसमें PPF, NSC, सुकन्या समृद्धि जैसी योजनाएं शामिल हैं. इसके अलावा दूसरे प्रोडक्ट पर भी अलग तरह के फायदे मिलते हैं.

नहीं डूबेगा आपका पैसा

पोस्‍ट ऑफिस की योजनाओं की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें पैसा डूबने का खतरा नहीं होता. क्योंकि, यहां का कोई भी प्रोडक्ट स्‍टॉक मार्केट से लिंक्‍ड नहीं है. ऐसे में निवेश के डूबने का कोई जोखिम नहीं है. इन स्‍कीम्‍स पर फिक्‍स्‍ड रिटर्न की गारंटी सरकार देती है, इसलिए निगेटिव रिटर्न की संभावनाएं भी नहीं हैं.

रिकरिंग डिपॉजिट (RD)

ब्याज 7.2 फीसदी कंपाउंडिंग तिमाही

12 लाख का निवेश 30 साल में हो जाएगा करीब 1 करोड़ रुपए

किसान विकास पत्र (KVP)

ब्याज 7.7 फीसदी कंपाउंडिंग सालाना

11 लाख का निवेश 30 साल में हो जाएगा करीब 1 करोड़ रुपए

टाइम डिपॉजिट (TD)

ब्याज 7.7 फीसदी कंपाउंडिंग तिमाही

10 लाख का निवेश 30 साल में हो जाएगा करीब 1 करोड़ रुपए

नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC)

ब्याज 7.9 फीसदी कंपाउंडिंग छमाही

10 लाख का निवेश 30 साल में हो जाएगा करीब 1 करोड़ रुपए

सुकन्या समृद्धि योजना (SSC)

ब्याज 8.5 फीसदी कंपाउंडिंग सालाना

12.5 हजार महीने का निवेश 15 साल में हो जाएगा करीब 72 लाख रुपए से ज्यादा

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नोट: इन सभी योजनाओं पर मिलने वाले ब्‍याज को सरकार समय-समय पर रिवाइज करती है. फिलहाल, मौजूदा दरों पर निवेश और रिटर्न की गणना की गई है. भविष्‍य में ये दरें कम या ज्‍यादा भी हो सकती हैं.