केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को अपनी मंजूरी दी है. सरकार इसके जरिए एक करोड़ घरों पर रूफटॉप सोलर पैनल लगाने के लिए सब्सिडी और 300 यूनिट फ्री बिजली देने का प्रावधान कर रही है. क्या है ये योजना और आप रूफ टॉप सोलर योजना के तहत सब्सिडी के लिए कैसे आवेदन कर सकते हैं और सब्सिडी कैसे ले सकते हैं, यहां इस सबकी जानकारी दी गई है.

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना क्या है?

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पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना एक केंद्रीय योजना है जिसका लक्ष्य भारत में वैसे एक करोड़ परिवारों को मुफ्त बिजली प्रदान करना है, जो छत पर सौर बिजली इकाई लगाने का विकल्प चुनते हैं. ऐसे परिवारों को हर महीने 300 यूनिट बिजली मुफ्त मिल सकेगी. यह 75,021 करोड़ रुपये के खर्च वाली योजना है.

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना कैसे काम करती है?

यह योजना 2 किलोवाट क्षमता तक के सिस्टम के लिए सौर इकाई लागत का 60 प्रतिशत और 2 से 3 किलोवाट क्षमता के बीच के सिस्टम के लिए अतिरिक्त सिस्टम लागत की 40 प्रतिशत सब्सिडी देती है. इस सब्सिडी को 3 किलोवाट क्षमता तक सीमित कर दिया गया है. मौजूदा मानक कीमतों पर, इसका मतलब 1 किलोवाट सिस्टम के लिए 30,000 रुपये, 2 किलोवाट सिस्टम के लिए 60,000 रुपये और 3 किलोवाट या उससे अधिक सिस्टम के लिए 78,000 रुपये होगी.

इस योजना के लिए आवेदन करने के पात्र कौन हैं?

1. आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए.

2. सोलर पैनल लगाने के लिए उपयुक्त छत वाला घर होना चाहिए.

3. परिवार के पास वैध बिजली कनेक्शन होना चाहिए.

4. परिवार ने सोलर पैनलों के लिए किसी अन्य सब्सिडी का लाभ नहीं लिया हो.

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के लिए आवेदन कैसे करें?

सबसे पहले इसके इच्छुक उपभोक्ता को राष्ट्रीय पोर्टल www.pmsuryagarh.gov.in पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा. इसमें राज्य और बिजली वितरण कंपनी का चयन करना होगा. राष्ट्रीय पोर्टल उपयुक्त सिस्टम आकार, लाभ की गणना, विक्रेता रेटिंग आदि जैसी जरूरी जानकारी देकर इच्‍छुक परिवारों की सहायता करेगा. उपभोक्ता विक्रेता और रूफ टॉप सोलर यूनिट का चयन कर सकते हैं जिसे वे अपनी छत पर लगाना चाहते हैं.

क्या कोई उपभोक्ता सौर इकाई लगाने के लिए लोन सुविधा का लाभ उठा सकता है?

हां, कोई परिवार 3 किलोवाट तक के आवासीय आरटीएस सिस्टम की स्थापना के लिए वर्तमान में लगभग 7 प्रतिशत की दर से बिना किसी गारंटी के कम ब्याज पर लोन ले सकता है. भारतीय रिज़र्व बैंक की ओर से समय-समय पर तय की जाने वाली रेपो दर से यह ब्याज दर 0.5 प्रतिशत अधिक आंकी गई है. यदि रेपो दर, जो वर्तमान में 6.5 प्रतिशत है, घटकर 5.5 प्रतिशत हो जाए, तो उपभोक्ता के लिए प्रभावी ब्याज दर वर्तमान 7 प्रतिशत के बजाय 6 प्रतिशत हो जाएगी.

सब्सिडी प्राप्त करने की चरण दर चरण प्रक्रिया क्या है?

चरण-1

·          पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें

·         अपने राज्य एवं विद्युत वितरण कंपनी का चयन करें

·         अपनी बिजली उपभोक्ता संख्‍या, मोबाइल नंबर और ईमेल दर्ज करें.

 

चरण-2

·         उपभोक्ता संख्या और मोबाइल नंबर के साथ लॉगिन करें

·         प्रपत्र के अनुसार रूफटॉप सोलर के लिए आवेदन करें

चरण-3

·         एक बार NOC प्राप्‍त हो जाने के पश्‍चात, किसी भी रजिस्टर्ड विक्रेता से प्लांट लगवा लें.

चरण-4

·         प्लांट लग जाने के बाद प्लांट की डीटेल जमा कराएं और नेट मीटर के लिए आवेदन करें.

चरण-5

·         नेट मीटर लगाने और वितरण कंपनी (या डिस्‍कॉम) की ओर से निरीक्षण हो जाने के बाद पोर्टल से कमीशनिंग प्रमाणपत्र जेनरेट किया जाएगा.

चरण-6

·         कमीशनिंग रिपोर्ट प्राप्‍त हो जाने के पश्‍चात पोर्टल के माध्यम से अपने बैंक खाते का विवरण और एक कैंसिल चेक जमा कराएं. आपको 30 दिन के भीतर अपने बैंक खाते में अपनी सब्सिडी मिल जाएगी.

किसी परिवार को रूफ टॉप सोलर योजना का चयन क्यों करना चाहिए?

इस योजना की बदौलत परिवार अपने बिजली बिल बचाने में सक्षम होंगे और इसके साथ ही साथ वे डिस्कॉम को अधिशेष बिजली की बिक्री करके अतिरिक्त आय अर्जित करने में भी सक्षम होंगे. पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना 3 किलोवाट क्षमता वाली रूफ टॉप सोलर यूनिट स्थापित करके, प्रति माह 300 यूनिट तक की खपत करने वाले परिवार के लिए एक वर्ष में लगभग 15,000 रुपये की सुनिश्चित बचत का वादा करती है. ऐसा घर, अपनी खुद की बिजली उत्‍पादित करके, बिजली बिल पर लगभग 1,800 रुपये - 1875 रुपये बचाएगा.

सोलर यूनिट की स्‍थापना के संबंध में वित्तपोषण हेतु लिए गए कर्ज पर 610 रुपये की ईएमआई घटाने के बाद भी, यह बचत लगभग 1,265 रुपये प्रति माह या एक वर्ष में लगभग 15,000 रुपये होगी. कर्ज न लेने वाले परिवारों की बचत और भी अधिक होगी. इसके अलावा, रूफ टॉप सोलर योजना नवीकरणीय ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ावा देते हुए कार्बन उत्सर्जन में भी कमी लाएगी.