एसबीआई लाइफ स्मार्ट मनी बैक गोल्ड (SBI Life – Smart Money Back Gold) एक रेगुलर प्रीमियम पेमेंट ऑप्शन के साथ एक पार्टिसिपेटिंग प्लान है. इसके तहत इंडिविजुअल की जरुरतों के लिए चार कस्टमाइज्ड मनी बैक प्लान हैं. इस पॅालिसी के साथ, आप अपने जीवन के सभी अहम पलों को प्लान कर सकते हैं. आप शादी से लेकर बच्चें और उनकी एजुकेशन के साथ और भी बहुत कुछ इस स्कीम के तहत प्लान कर सकते हैं. ये स्कीम कई तरह की फैसिलिटी के साथ आती है जो आपके फैमिली को सेफ रखती है. और साथ ही आपकी फाइनेंशियल जरुरतों को भी पूरा करती है. एसबीआई लाइफ स्मार्ट मनी बैक गोल्ड (SBI Life – Smart Money Back Gold) में टोटल सर्वाइवल बेनिफिट सम अश्योर्ड का 110 फीसदी होता है. इसमें मैच्योरिटी पर सर्वाइवल बेनिफिट की लास्ट इंस्टॅालमेंट accrued reversionary bonuses और टर्मिनल बोनस के साथ पे की जाती है. इसके साथ ही पॉलिसीहोल्डर की मृत्यु पर, वेस्टेड बोनस और टर्मिनल बोनस पर हायर बेसिक SA पे किया जाता है. इसके अलावा प्रीमियम का 105% नॅामिनी को पे किया जाता है. मृत्यु होने पर एसए को पॉलिसीहोल्डर की उम्र के आधार पर और पेमेंट किए गए एनुअल प्रीमियम के 7 या 10 गुना के रूप में काउंट किया जाता है. आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत पे किए गए प्रीमियम पर और आयकर अधिनियम की धारा 10(10D) के तहत क्लेम पर इनकम टैक्स बेनिफिट मिलता है. 

COMMERCIAL BREAK
SCROLL TO CONTINUE READING

 

पॅालिसी की डिटेल 

ग्रेस पीरियड

मंथली मोड में प्रीमियम पेमेंट के लिए 15 दिन और दूसरे मोड में 30 दिन के ग्रेस पीरियड की परमिशन है. अगर पॉलिसीहोल्डर ग्रेस पीरियड के भीतर पेमेंट नहीं कर पाता तो पॉलिसी लेप्स हो जाती है.

 

पॉलिसी टर्मिनेशन या सरेंडर बेनिफिट

पॉलिसीहोल्डर को पॉलिसी सरेंडर करने और सरेंडर वैल्यू लेने की परमीशन है. सरेंडर वैल्यू, गारंटीड सरेंडर वैल्यू (जीएसवी) से ज्यादा होता है.

जीएसवी = accrued bonuses के जीएसवी सहित पहले से पेमेंट किए गए सर्वाइवल बैनिफिट को छोड़कर पेमेंट किया गया बेसिक प्रीमियम जीएसवी फैक्टर होता है.

SSV = मैच्योरिटी पर पेड-अप वैल्यू SSV फैक्टर होता है.

 

 

फ्री लुक पीरियड

अगर आप कवरेज और पॉलिसी के टर्म्स और कंडीशन से खुश नहीं हैं, तो आपके पास पॉलिसी को लेने के 15 दिनों के भीतर पॉलिसी को कैंसिल करने का ऑप्शन है. लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि आपने कोई क्लेम न किया हो.

 

जरुरी डॅाक्यूमेंट

इसके लिए पॉलिसीहोल्डर को एड्रेस प्रूफ और केवाईसी डॅाक्यूमेंट के साथ एक्यूरेट मेडिकल हिस्ट्री और एक एप्लीकेशन फॅार्म फिल करना होगा. कुछ मामलों में सम एस्योर्ड और उम्र के बेसिस पर मेडिकल एग्जामिनेशन की जरुरत भी हो सकती है.