जीवन में कभी न कभी सभी को बुढ़ापे की उम्र से गुजरना होता है. ऐसे में हर व्‍यक्ति बुढ़ापे में खुद को आर्थिक रूप से मजबूत करना चाहता है, ताकि जब शरीर काम करने लायक न रहे, तब भी उसके पास पेंशन के रूप में एक निश्चित आय आती रहे.  पेंशन प्‍लान के दौरान आपने अक्‍सर एक शब्‍द सुना होगा एन्युटी (Annuity). क्‍या होता है, एन्‍युटी, यहां जानिए इसके बारे में.

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समझिए क्‍या है एन्‍युटी

एन्युटी एक इंश्‍योरेंस प्रोडक्‍ट है, जिसमें आपके और बीमा कंपनी के बीच एक तरह का कॉन्‍ट्रैक्‍ट होता है. इसमें व्‍यक्ति को एकमुश्‍त निवेश करना होता है. भविष्‍य में आपको इसके बदले मासिक, तिमाही या वार्षिक रूप से भुगतान किया जाता है. एन्‍युटी का इस्‍तेमाल रिटायरमेंट पोर्टफोलियो के हिस्से के तौर किया जाता है. इसमें जब तक आप जीवित रहते हैं, तब तक आपको निश्चित आय मिलती है. आपकी मृत्‍यु के बाद नॉमिनी राशि को लेने का अधिकारी होता है.

जानिए कितनी तरह की होती है एन्‍युटी

  • लाइफ एन्युटी: इसमें व्‍यक्ति को मृत्यु तक एन्युटी का भुगतान किया जाता है. भुगतान मासिक, तिमाही या वार्षिक किस रूप में हो, इसका विकल्‍प आप चुन सकते हैं.
  • परचेज प्राइस के रिटर्न के साथ लाइफ एन्युटी: इसमें पॉलिसीहोल्डर को उनकी मृत्यु तक एन्युटी का भुगतान मिलेगा. मृत्यु के बाद, एन्युटी खरीदने के लिए उन्होंने जो अमाउंट पे किया था, वह उनके नॉमिनी को रिटर्न किया जाता है.
  • गारंटीड पीरियड के लिए एन्युटी: इसमें पॉलिसी होल्डर की मृत्यु के बाद भी कुछ निश्चित सम तक के लिए एन्‍युटी का भुगतान किया जा सकता है. निश्चित समय पूरा होने के बाद एन्‍युटी मिलना भी बंद हो जाती है.
  • जॉइंट लाइफ एन्युटी: इसमें पॉलिसीधारक की मृत्‍यु के बाद आपके जीवनसाथी को उसके पूरे जीवनकाल तक एन्युटी का भुगतान किया जाता है.
  • परचेज प्राइस के रिटर्न साथ जॉइंट लाइफ एन्युटी: इन प्‍लान में पॉलिसीधारक की मृत्‍यु के बाद उसके जीवनसाथी को एन्‍युटी पूरे जीवनकाल तक मिलती है और उसकी भी मृत्‍यु हो जाने के बाद नॉमिनी को शुरू में इन्वेस्ट किया गया अमाउंट मिलता है.

टैक्‍स बेनिफिट नहीं मिलता

एन्‍युटी आपकी इनकम के साथ जुड़ती है, लिहाजा इसमें आपको किसी तरह की टैक्‍स से छूट नहीं मिलती है. पॉलिसीधारक जिस टैक्स स्लैब में आते हैं, उन्‍हें उसके हिसाब से टैक्‍स देना पड़ता है.  उसी के हिसाब से टैक्स देना पड़ता है.

ध्‍यान रहे

कुछ प्‍लान में दुर्भाग्‍यपूर्ण घटना घटित होने पर वार्षिकी आय रुक जाती है. ऐसे में बेहतर है कि आप संयुक्‍त जीवन एन्‍युटी प्‍लान लें. ऐसे में आप अपने जीवनसाथी या बच्‍चे के भविष्‍य को सुरक्षित कर सकते हैं. इसमें उन्‍हें पूरे जीवनकाल तक एक निश्चित आय मिलती रहेगी.