New Wage Code: नए वेज कोड में Cost to Company (CTC) को लेकर काफी चर्चा है. देश में चार लेबर कोड जल्द अमल में लाए जाएंगे. अभी 90 फीसदी राज्यों ने ड्राफ्ट रूल्स तैयार कर दिए हैं. उम्मीद की जा रही है कि साल 2022 में न्यू Wage Code लागू कर दिया जाएगा. Labour Ministry इसकी तैयारी कर चुकी है. अगर ऐसा होता है तो इससे प्राइवेट नौकरी करने वाले की Take Home Salary, PF और Gratuity पूरी तरह बदल जाएगी. एक्सपर्ट्स की मानें तो मंथली सैलरी घटेगी लेकिन EPF में ज्‍यादा फंड तैयार होगा. इससे रिटायरमेंट पर ज्यादा पैसा मिलेगा.

New Wage Code की कैलकुलेशन

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New Wage Code में बेसिक सैलरी 25 हजार रुपए महीना हो जाएगी. तब रिटायरमेंट पर EPF की रकम 1,16,62,366 रुपए हो जाएगी. यहां सालाना इंक्रीमेंट 5 फीसदी लिया गया है, जिससे EPF का फंड और बढ़ जाएगा.

New Wage code PF Benefits: अगर मंथली सैलरी 50 हजार रुपए है और बेसिक पे 15 हजार रुपए होगी. तब रिटायरमेंट पर PF की रकम 69,97,411 रुपए होगी.

New Wage code: क्‍या है कॉस्‍ट टू कम्‍पनी (Cost to Company)

किसी कंपनी की तरफ से अपने कर्मचारी पर किया जाने वाला खर्च CTC होता है. यह कर्मचारी का पूरा सैलरी पैकेज होता है. CTC में मंथली बेसिक पे, भत्‍ते, रीइम्‍बर्समेंट शामिल होता है. वहीं, सालाना आधार पर ग्रेच्‍युटी, एनुअल वैरिएबल पे, एनुअल बोनस जैसे प्रोडक्ट शामिल होते हैं. CTC की रकम कर्मचारी की टेक होम सैलरी के बराबर कभी नहीं होती. CTC में कई कंपोनेंट होते हैं इसलिए यह अलग होती है. CTC = ग्रॉस सैलरी + PF + ग्रेच्‍युटी

बेसिक सैलरी

EPF Calculator New Wage Code: बेसिक सैलरी किसी कर्मचारी की बेस इनकम होती है. सभी कर्मचारियों के लेवल के आधार पर यह फिक्‍स होती है. यह कर्मचारी के पद और जिस उद्योग में वह काम कर रहा है उसके अनुसार होती है.

ग्रॉस सैलरी

PF Calculator New Wage Code: बिना टैक्‍स काटे जो बेसिक पे और भत्‍तों को जोड़कर सैलरी बनती उसे ग्रॉस सैलरी कहते हैं. इसमें बोनस, ओवर टाइम पे, हॉलिडे पे और अन्‍य मद के भत्‍ते शामिल होते हैं.

Gross Salary = बेसिक सैलरी+HRA+अन्‍य भत्‍ते

नेट सैलरी

नेट सैलरी को टेक होम सैलरी भी कहते हैं. टैक्‍स कटने के बाद जो सैलरी बनती है उसे नेट इनकम कहते हैं.

Net Salary = Basic Salary + HRA + भत्‍ते - आयकर - EPF - Professional Tax

कौन-कौन से भत्ते होते हैं शामिल

PF Calculator online : कंपनी कर्मचारी को नौकरी की एवज में भत्‍ते देती है. यह हर कंपनी में अलग-अलग हो सकता है.

> HRA : हाउस रेंट अलाउंस कर्मचारी को रेंट पर घर के एवज में दिया जाता है.

> LTA : LTA कर्मचारी को घरेलू यात्रा पर दिए जाने वाला खर्च है. इसमें फूडिंग, होटल किराया शामिल नहीं होता.

> वाहन भत्‍ता : कनवेंस अलाउंस कर्मचारी को दफ्तर से घर जाने में आने वाले खर्च के एवज में दिया जाता है.

> महंगाई भत्‍ता : DA जीविका से जुड़ा भत्‍ता है. यह महंगाई की एवज में दिया जाता है. इसके पात्र सरकारी कर्मचारी और पेंशनर होते हैं.

> अन्‍य भत्‍तों में स्‍पेशल अलाउंस, मेडिकल अलाउंस व प्रोत्‍साहन या इंसेटिव शामिल होता है.

और कौन से भत्ते होते हैं शामिल

New Wage Code: जानकारों के मुताबिक, कई कंपनियों में कर्मचारी को इलाज, फोन खर्च, न्‍यूजपेपर बिल को रीइम्‍बर्स करने का प्रावधान होता है. यह रकम सैलरी से अलग मिलती है. लेकिन बिल देने पर ही. आयकर अधिनियम के तहत हर रीइम्‍बर्समेंट में एक सीमा तक ही कर छूट है.

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