NPS investment: रिटायरमेंट के बाद आर्थिक तौर पर आप खुद सक्षम रहें, इसके लिए अभी से प्लानिंग करनी चाहिए. भारत सरकार की एक शानदार पेंशन स्कीम है एनपीएस (NPS) यानी नेशनल पेंशन सिस्टम. यह एक ऐसी स्कीम है जो आपको रिटायर होने के बाद वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है, ताकि आप अपनी जरूरतों को पूरा कर सकें और दैनिक उपभोग के लिए सक्षम हो सकें. नेशनल पेंशन सिस्टम लोगों को कॉरपोरेट बॉन्ड, सरकारी प्रतिभूतियों या इक्विटी में निवेश करने का ऑप्शन प्रदान करता है. अगर आप 18 से 70 साल की उम्र के बीच के भारतीय नागरिक हैं तो निवेश (NPS investment) कर सकते हैं. आप केवाईसी कराने में सक्षम होने चाहिए और पहले से एनपीएस (National Pension System) अकाउंट ओपन न हो.

NPS Account दो तरह के होते हैं 

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टियर - I: इस अकाउंट में किया गया योगदान आयकर की धारा 80CCD (1B) के तहत 50,000 रुपये तक की अतिरिक्त टैक्स छूट के लिए योग्य है, जो धारा 80C के तहत 1.50 लाख रुपये की लिमिट के बाद एक्स्ट्रा है. पीएफआरडीए के मुताबिक, इस अकाउंट में आप निवेश की गई राशि का 60 प्रतिशत हिस्सा 60 साल पूरे होने पर निकाल सकते हैं और शेष राशि का इस्तेमाल एन्युटी के लिए किया जाता है.

टियर - II: नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के टियर II अकाउंट में कोई भी अतिरिक्त राशि का निवेश (NPS investment) कर सकता है. यह राशि किसी भी समय पूरी तरह से निकाली जा सकती है. इस खाते में कोई टैक्स बेनिफिट उपलब्ध नहीं है. यहां ध्यान दें कि टियर II अकाउंट खोलने के लिए, पहले टियर I अकाउंट खोलना जरूरी है. एक सब्सक्राइबर एक स्थायी सेवानिवृत्ति खाता संख्या (PRAN) के तहत दोनों प्रकार के अकाउंट में निवेश कर सकता है.

NPS investment के फायदे

जब आप एनपीएस में निवेश करते हैं तो नेशनल पेंशन सिस्टम 80सीसीडी (1बी) के तहत 50,000 रुपये की अतिरिक्त टैक्स छूट का फायदा मिलता है.इसी तरह, मैच्योरिटी पर जमा किए गए कॉरपस का 60% तक हिस्सा निकाल सकते हैं. बाकी की रकम पेंशन या एन्युटी के लिए रख दी जाती है. क्योंकि यह नेशनल पेंशन सिस्टम भारत सरकार द्वारा समर्थित है और भारत सरकार के तहत पेंशन फंड रेगुलेटर यानी पीएफआरडीए (PFRDA) द्वारा संचालित है, इसलिए इसमें निवेश करना बिल्कुल सुरक्षित भी है. 

NPS Scheme में मिनिमम निवेश

इस स्कीम (NPS) में कम से कम 1000 रुपये सालाना निवेश (NPS investment) कर सकते हैं और कोई छिपा शुल्क भी नहीं देना होता है. सबसे खास बात यह है कि आप किसी भी लोकेशन से पीआरएएन (PRAN) नंबर की मदद से अकाउंट तक एक्सेस कर सकते हैं.एनपीएस अकाउंट ऑनलाइन ओपन कर सकते हैं और इसके बाद का कॉन्ट्रीब्यूशन भी ऑनलाइन कर सकते हैं.

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