Corporate Tax पर सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर आ रही है. सरकार कॉरपोरेट टैक्स की डेडलाइन आगे बढ़ाए जाने को लेकर बड़ा फैसला ले सकती है. जानकारी आ रही है कि सरकार शायद कॉरपोरेट टैक्स की डेडलाइन को 2024 से आगे नहीं बढ़ाएगी. एक्सक्लूसिव खबर आ रही है कि कॉरपोरेट टैक्स कटौती की डेडलाइन आगे बढ़ पाना मुश्किल है. 

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जानकारी है कि सरकार मार्च 2024 की डेडलाइन बढ़ाने के पक्ष में नहीं है, ऐसा इसलिए क्योंकि कॉरपोरेट टैक्स कटौती के बाद प्राइवेट इन्वेस्टमेंट नहीं बढ़ा है और सरकार की नजर प्राइवेट इन्वेस्टमेंट बढ़ाने पर है. ऐसे में जो कटौती मिल रही है, वो मार्च 2024 के बाद शायद न मिले. हालांकि, इस बीच कॉरपोरेट कंपनियों की ओर से कॉरपोरेट टैक्स में 2 साल और टैक्स कटौती जारी रखने की मांग की जा रही है.

2019 से कॉरपोरेट कंपनियों को मिली हुई है छूट

केंद्र सरकार ने 2019 में कॉरपोरेट टैक्स में कटौती की थी. इनकम टैक्स एक्ट और फाइनेंस एक्ट में ये बदलाव किया गया था कि किसी तरह का इंसेटिव या एक्जेम्प्शन नहीं ले रही कंपनियों को 22% टैक्स देना होगा. उन्हें मिनिमम अल्टरनेट टैक्स भी नहीं भरना होगा. इफेक्टिव टैक्स रेट 25.17% में ही सरचार्ज और सेस जुड़ा होगा. अभी 2019 के बाद गठित कंपनी के लिए 15% टैक्स का प्रावधान है. वहीं, 2024 से पहले मैन्युफैक्चरिंग शुरू करने पर भी 15% कॉरपोरेट टैक्स लगता है. कॉरपोरेट टैक्स देश में किसी भी तरह के बिजनेस गतिविधियों में लगी हुई घरेलू और विदेशी कंपनियों को कॉरपोरेट टैक्स या कंपनी टैक्स देना होता है. किसी भी कंपनी के कुल आय के हिसाब से यह तय होता है कि उसपर कितना टैक्स रेट और सरचार्ज लगेगा.

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