कोरोना वायरस लॉकडाउन के कारण आम आदमी के लिए एक और राहत की खबर है. Income tax विभाग ने व्यक्तिगत लोगों को चालू कारोबारी साल के लिए 15G और 15H फॉर्म भरने के लिए 30 जून के बाद और समय देने का ऐलान किया है. ये फॉर्म ब्याज आय पर स्रोत पर कर कटौती (TDS) से छूट के लिए भरने होते हैं. 

COMMERCIAL BREAK
SCROLL TO CONTINUE READING

कोविड-19 (Covid 19) के मद्देनजर लोगों को आ रही दिक्कतों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. फॉर्म 15G और 15H उन लोगों को भरना होता है जिनकी आमदनी कर योग्य सीमा से कम है. ये फॉर्म ब्याज आय पर TDS छूट के लिए भरने होते हैं. 

आमतौर पर करदाता ये फॉर्म बैंकों और वित्तीय संस्थानों के पास अप्रैल में जमा कराते हैं. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के आदेश में कहा गया है कि पिछले वित्त वर्ष में जमा कराए गए 15G और 15H फॉर्म 30 जून, 2020 तक वैध रहेंगे. 

कोविड-19 से सभी क्षेत्रों का सामान्य कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुए है. इनमें बैंक और अन्य संस्थान शामिल हैं. CBDT ने कहा कि ऐसी स्थिति में कुछ लोग समय पर फॉर्म जमा नहीं करा पाए है. ऐसे में कोई कर देनदारी नहीं होने पर उनका टीडीएस कट जाएगा. 

Zee Business Live TV

CBDT ने कहा कि ऐसे में लोगों को परेशानी से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है. अगर किसी ने कारोबारी साल 2019-20 के लिए बैंक या अन्य वित्तीय संस्थानों के पास वैध 15जी और 15एच फॉर्म जमा कराया है तो ये वित्त वर्ष 2020-21 के लिए 30 जून, 2020 तक वैध रहेंगे. जहां फॉर्म 15एच वरिष्ठ नागरिकों को जमा कराना होता है, फॉर्म 15जी ऐसे लोगों को जमा कराना होता है जिनकी करयोग्य आय छूट की सीमा से कम होती है. 

CBDT ने एक अन्य आदेश में कहा कि जिन आयकरदाताओं ने 2019-20 में निचली दर-शून्य कटौती-स्रोत पर कर कटौती के संग्रह या स्रोत पर कर संग्रह के लिए प्रमाणपत्र जारी करने को आवेदन किया है, अब उन्हें इस तरह के प्रमाणपत्र के लंबित रहने की सूचना आयकर अधिकारी को ई-मेल के जरिये देनी होगी.