रिटायरमेंट के लिए प्रोविडेंट फंड (Provident Fund) से बेहतर निवेश विकल्प कोई नहीं है. ऐसा इसलिए क्योंकि, एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड (EPF) में निवेश करने वालों को काफी फायदे मिलते हैं. पहला फायदा ये है कि इनकम टैक्स (Income tax) में सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपए तक के निवेश पर टैक्स छूट है. साथ ही ब्याज भी काफी अच्छा है.

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मिलता है ज्यादा ब्याज का फायदा

वित्त वर्ष 2019-20 के लिए ईपीएफ के निवेश पर 8.50 फीसदी ब्याज मिला है. वित्त वर्ष 2020-21 के लिए ब्याज का ऐलान होने वाला है. PF पर मिलने वाले ब्याज पर कम्पाउंडिंग का भी फायदा मिलता है. आसान भाषा में कहें तो जितना ज्यादा निवेश होगा ब्याज उतना ही मोटा मिलेगा. लेकिन, नौकरी बदलने पर अक्सर लोग पीएफ का पैसा निकाल लेते हैं या फिर जरूरत पड़ने पर निवेश को तोड़ देते हैं. ऐसा करने से PF अकाउंट पर मिलने वाले फायदे कम होते जाते हैं.

रिटयरमेंट फंड होगा टैक्स फ्री

EPFO के एक नियम के मुताबिक, अगर आपने नौकरी के दौरान कभी भी PF का पैसा नहीं निकाला तो रिटायरमेंट के वक्त आपको कई फायदे मिलेंगे. पहला ये कि रिटायरमेंट के लिए अच्छी रकम जमा होगी. लगातार कम्पाउंडिंग ब्याज का फायदा मिलेगा. वहीं, रिटायरमेंट के बाद मिलने वाला फंड पूरी तरह से टैक्स होगा. लेकिन, इसमें ध्यान यही रखना है कि रिटायरमेंट से पहले किसी भी तरह का विथड्ऱॉल नहीं किया गया है. 

पेंशन का भी फायदा

रिटायरमेंट से पहले अगर पीएफ अकाउंट से किसी भी तरह की निकासी नहीं की गई है तो आपको पेंशन का भी फायदा मिलेगा. EPFO की EPS (एम्प्लॉई पेंशन स्कीम) के तहत आपको हर महीने कुछ रुपए पेंशन के रूप में मिलेंगे. दरअसल, नियम मुताबिक 10 साल तक बिना किसी निकासी के अगर पीएफ खाता चलता है तो उस सदस्य की पेंशन शुरू हो जाती है. बता दें, पीएफ में एम्प्लॉयर (कंपनी) की तरफ से जमा होने वाली रकम का कुछ हिस्सा पेंशन फंड में भी जाता है. इसी पेंशन फंड से 58 साल के बाद पेंशन मिलनी शुरू हो जाती है.

रिटायरमेंट के बाद PF निकालते हुए रखें ख्याल

अगर आप रिटायर होने वाले हैं या फिर रिटायर हो चुके हैं और अभी तक पीएफ का पैसा नहीं निकाला है तो आपको नुकसान भी हो सकता है. EPFO के नियम के मुताबिक, रिटायरमेंट के बाद अगर ईपीएफ खाते से पैसा निकालने में देरी होती है तो आपकी रकम पर जो ब्याज आएगा उस पर टैक्स चुकाना होगा. ऐसा इसलिए क्योंकि, ईपीएफ के ब्याज पर मिलने वाली टैक्स छूट की सुविधा सिर्फ कर्मचारियों के लिए होती है और रिटायरमेंट के बाद व्यक्ति को कर्मचारी की श्रेणी में नहीं माना जाता.

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पैसा निकालना भी है तो इस बात का ध्यान रखें

अगर किसी वजह से नौकरी के दौरान ही आपको पैसों की जरूरत पड़ती है और आप PF का पैसा निकालना चाहते हैं तो ध्यान रखें कि इसके लिए आपकी नौकरी कम से कम 5 साल की होनी चाहिए. दरअसल, अगर 5 साल की नौकरी से पहले ही PF खाते से पैसा निकाला जाता है तो उस पर टैक्स देना होगा. लेकिन, 5 साल की नौकरी होने के बाद फंड से पैसा निकालेंगे तो आपको टैक्स फ्री पैसा मिल जाएगा.

कब तक मिलेगा ब्याज का फायदा

EPF खातों को दो कैटेगरी में रखा जाता है. एक एक्टिव खाता होता है, जिसमें नियमित रूप से निवेश होता है. वहीं, दूसरा निष्क्रिय खाता होता है, जिसमें 3 साल से कोई नया निवेश नहीं हुआ है. एक्टिव खातों पर लगातार हर साल ब्याज मिलता है. वहीं, 2016 के बाद से निष्क्रिय खातों पर भी ब्याज मिलता है. इससे पहले 2011 में निष्क्रिय खातों पर ब्याज देना बंद हो गया था. लेकिन, 2016 में इस दोबारा शुरू किया गया. अगर खाता निष्क्रिय है और अकाउंट होल्डर की उम्र 58 साल हो चुकी है तो ब्याज बंद हो जाएगा. लेकिन, 58 साल तक उसे ब्याज का फायदा मिलेगा. अगर अकाउंट होल्डर रिटायर है और खाता निष्क्रिय हो चुका है तो ईपीएफओ ब्याज नहीं देगा.