EPFO ने लाखों नौकरीपेशा को बड़ी राहत दी है. अगले 3 महीने तक EPFO (Employees Provident Fund Organisation) में आने वाले इम्‍प्‍लाई (Employee) के प्रॉविडेंट फंड (Provident Fund) में योगदान सरकार करेगी. यही नहीं सरकार इम्‍प्‍लॉयर का भी कॉट्रिब्‍यूशन का बोझ उठाएगी. यानि 3 महीने तक 15 हजार रुपए सैलरी पाने वाले नौकरीपेशा की सैलरी बढ़ कर आएगी.

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बता दें कि फाइनेंस मिनिस्‍टर निर्मला सीतारमण ने आर्थिक पैकेज के ऐलान के दौरान कहा था कि सरकार ने कोरोना वायरस (Coronavirus) लॉकडाउन के दौरान EPFO सदस्‍यों की मदद करने का फैसला किया है. इसके लिए 3 महीने का कर्मचारी और नियोक्‍ता का 12-12 फीसदी का योगदान सरकार करेगी.

सरकार ने यह व्‍यवस्‍था उन कंपनियों के लिए की है, जहां 100 से कम इम्‍प्‍लॉई काम करते हैं और 90 पर्सेंट कर्मचारी 15 हजार से कम सैलरी पाते हैं. बता दें कि ESIC में 15 हजार से कम वालों को ही हेल्‍थ बीमा का लाभ मिलता है. यानि ESIC सदस्‍यों को ज्‍यादा फायदा होगा. इसके मायने यह भी हुए कि ऐसे कर्मचारियों की सैलरी 3 महीने तक बढ़कर आएगी.

सरकार ने इसके साथ ही EPF के नियमों में भी ढील दी है. कर्मचारी अपने PF अकाउंट से 75 फीसदी तक निकासी कर सकता है. हालांकि यह रकम तीन महीने की सैलरी से कम होनी चाहिए. उधर, ESIC ने भी इम्‍प्‍लॉयर के कॉन्ट्रिब्‍यूशन के लिए 15 दिन की अतिरिक्‍त मोहलत दी है.

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अच्‍छी खबर यह भी है कि कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) में जनवरी माह में 12.06 लाख नये सदस्य जुड़े हैं जबकि इससे पिछले माह इस योजना के साथ 12.90 लाख नये सदस्य जुड़े थे. ESIC के सदस्यों के वेतन रजिस्टर आंकड़ों से यह जानकारी सामने आई है.

इसके साथ ही सरकार ने करोड़ों वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens), दिव्यांगों (Disabled) और विधवाओं (Widow) को अप्रैल के पहले हफ्ते में एडवांस पेंशन देने का फैसला किया है, जिसमें 2 महीने की पेंशन क्रेडिट भी हो गई है.

कोरोना वायरस महामारी (Coronvirus Mahamari) पर काबू पाने के लिए किए गए लॉकडाउन के मद्देनजर यह फैसला किया गया है. अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के तहत गरीब तबके के वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं और दिव्यांगों को मासिक पेंशन दी जाती है.