टैक्स ई-फाइलिंग व अनुपालन समाधान प्रदाता क्लियरटैक्स ने वित्त वर्ष 2016-17 की तुलना में वित्त वर्ष 2017-18 में अपने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर टैक्स रिटर्न दाखिल करने में 95 फीसदी की वृद्धि की घोषणा की है. कंपनी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि इस साल 31 अगस्त तक पोर्टल पर लगभग 30 लाख टैक्स फाइलिंग की गई थीं. क्लियरटैक्स मार्च 2019 को समाप्त होने वाले चालू वित्त वर्ष के दौरान अपने ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से कम से कम 40 लाख फाइलिंग करने की उम्मीद कर रहा है.

COMMERCIAL BREAK
SCROLL TO CONTINUE READING

कंपनी ने कहा कि वेतनभोगी व्यक्तियों ने अधिकांश फाइल किए और इसमें 110 फीसदी की वृद्धि हुई. कारोबारी और पेशेवरों द्वारा अनुमानित आय और फाइलिंग को अपनाने वाले व्यक्तियों द्वारा क्रमश: 196 फीसदी और 277 फीसदी की वृद्धि हुई है. क्लियरटैक्स के संस्थापक व मुख्य कार्यकारी अधिकारी अर्चित गुप्ता का कहना है, "आयकर, जीएसटी नियमों और सरकार द्वारा टैक्स संग्रह पर जोर देने से अब अधिक लोगों ने देश के टैक्स कानूनों का पालन करना शुरू किया है और इससे हमारे प्लेटफार्म पर ट्रैफिक बढ़ा है. 

हमारे प्लेटफार्म पर टैक्स फाइलिंग में आई तेजी करीब 1000 कॉरपोरट फर्मों, 15 अग्रणी बैंकों और सीए भागीदारों के साथ कार्यनीतिक गठजोड़ का भी परिणाम हैं, जिन्होंने अपने कर्मचारियों और ग्राहकों को क्लियरटैक्स के साथ अपने रिटर्न दाखिल करने के लिए प्रेरित किया है." उन्होंने कहा कि देश का फिनटेक सॉफ्टवेयर और सर्विसेज उद्योग 2016 तक 55,000 करोड़ रुपये का था और ये 2020 तक 96,400 करोड़ रुपये तक का होगा. वर्तमान में क्लियरटैक्स बेंगलुरु, मुंबई और नई दिल्ली में है और हमारा उद्देश्य सूरत, अहमदाबाद, चेन्नई और हैदराबाद समेत अन्य शहरों में अपने संचालन का विस्तार करना है.

इनपुट एजेंसी से