अगर आपने अब तब जीवन बीमा (Life Insurance) नहीं लिया है तो टर्म प्‍लान पर भरोसा करिए. टर्म प्लान अपनी तरह की एकमात्र इंश्योरेंस पॉलिसी है जो इसलिए खरीदनी चाहिए क्योंकि इसमें सबसे कम कीमत पर अधिकतम सुरक्षा कवर मिलता है. अब तो 99 प्लस वर्ष की उम्र तक के लिए भी टर्म इंश्योरेंस खरीदे जा सकते हैं जो कि कुछ साल पहले तक संभव नहीं था.

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टर्म इंश्योरेंस के अंतर्गत एक लोकप्रिय विकल्प है 'रिटर्न ऑफ प्रीमियम इंश्योरेंस.' इसका मतलब यह हुआ कि बीमाधारक व्यक्ति ने जितने भी प्रीमियम चुकाए हैं, वह उसे परिपक्वता लाभ के रूप में वापस कर दिए जाएंगे. यह उत्पाद उन लोगों के लिए काफी अच्छा है जो 1 इंश्योरेंस प्लान खरीदते वक्त उसका एक गारंटीकृत नकद मूल्य भी चाहते हैं. एक पॉलिसी ग्राहक के रूप में आप ऐसी अवधि चुन सकते हैं जो आपकी विशिष्ट जरूरतों के अनुकूल रहे. 

रिटर्न की उम्‍मीद करते हैं ग्राहक

पॉलिसीबाजार के सहसंस्थापक और सीईओ यशीष दहिया के मुताबिक भारतीय ग्राहक लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी से कुछ न कुछ रिटर्न मिलने की उम्मीद जरूर करते हैं और यह कम से कम उतना तो होना ही चाहिए जितना पॉलिसी में निवेश किया गया हो. जो निवेशक रिटर्न की इच्छा रखते हैं उनके लिए यह एक पैसा वसूल पॉलिसी है.

लोन टेन्‍योर के बराबर लें पॉलिसी

एक निवेशक के रूप में आप अपनी आर्थिक स्थिति के हिसाब से पॉलिसी की अवधि तय कर सकते हैं. आमतौर पर यह पॉलिसी 20, 25, 30 और 40 वर्ष के लिए मिलती है. उदाहरण के तौर पर अगर आपके पास एक 20 वर्ष की अवधि का लोन है तो आप एक 20 वर्षीय टर्म लाइफ प्लान खरीद सकते हैं. दुर्भाग्य से अगर इस अवधि के दौरान आपको कुछ हो जाए, तो आपको यह लोन चुकाने की चिंता नहीं करनी होगी. अगर आप इस अवधि के बाद भी जि़ंदा रहते हैं तो आपको चुकाए गए प्रीमियम का 100 फीसदी वापस मिल जाता है. 

मैच्‍योरिटी लाभ

रिटर्न ऑफ प्रीमियम प्लान में मिलने वाले परिपक्वता लाभ एक सामान्य टर्म पॉलिसी से काफी अलग होते हैं. इस प्लान में पॉलिसी धारक व्यक्ति को जितने साल का बीमा हासिल है उतना ही प्रीमियम वापस मिलता है. कई प्लान में बीमा कंपनी द्वारा ग्राहक के चुकाए गए प्रीमियम से अधिक भुगतान किया जाता है, लेकिन इसके लिए कुछ शर्तो को पूरा करना होगा. इसके साथ ही पॉलिसी धारक व्यक्ति को मिलने वाली पूरी परिपक्वता राशि टैक्स मुक्त होती है. 

प्रीमियम का भुगतान

ग्राहकों की सुविधा के लिए बीमा कंपनियों ने प्रीमियम भुगतान के विभिन्न विकल्प शुरू किए हैं. अब आप अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार एक भुगतान विकल्प चुन सकते हैं. फिलहाल बाजार में उपलब्ध सामान्य प्रीमियम भुगतान विकल्प हैं - वार्षिक, अर्ध-वार्षिक, त्रैमासिक और मासिक. कुछ बीमा कंपनी एक सिंगल प्रीमियम भुगतान का विकल्प भी देती हैं जिसके तहत आप पूरी पॉलिसी अवधि का प्रीमियम भुगतान एक बार में ही कर सकते हैं.