7th Pay Commission : जम्‍मू-कश्‍मीर (Jammu Kashmir) और लद्दाख (Ladakh) 31 अक्‍टूबर 2019 से केंद्र शासित प्रदेश (UT) हो गया है. इससे वहां के 4.5 लाख कर्मचारियों को अब केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर वेतन और भत्‍ते मिलेंगे. केंद्र सरकार ने दिवाली से पहले ही इन दोनों UT के कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग का लाभ देने का ऐलान किया था. खबर यह है कि इन कर्मचारियों को 6 तरह के भत्‍ते भी मिलेंगे. इससे कर्मचारियों की सैलरी में हजारों रुपए की बढ़ोतरी हो जाएगी.

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आपको बता दें कि 8 अगस्‍त 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्‍मू-कश्‍मीर और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा देने की बात कही थी. इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसका आदेश जारी कर दिया गया है.

ये भत्‍ते मिलेंगे

केंद्र की मंजूरी के बाद कर्मचारियों को चिल्‍ड्रेन एजुकेशन अलाउंस (CEA), हॉस्‍टल अलाउंस (Hostel Allowance), ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA), फिक्‍स्‍ड मेडिकल अलाउंस (FMA), LTC और अन्‍य भत्‍ते मिलेंगे. इससे सरकारी खजाने पर करीब 4800 करोड़ रुपए का बोझ आएगा.

बेसिक में होगी 11 हजार की बढ़ोतरी

7वां वेतन आयोग लागू होने के बाद 7 हजार रुपये न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़कर 18,000 रुपये हो जाएगी जबकि सचिव स्‍तर की सैलरी सवा दो लाख रुपए हो जाएगी, जो पहले 1,80,000 रुपए महीना थी. इससे सचिव स्‍तर की सैलरी में 45 हजार रुपए का इजाफा हुआ है.

इंक्रीमेंट पॉलिसी

इंक्रीमेंट पॉलिसी में साल में 1 जनवरी और 1 जुलाई को इन्क्रीमेंट मिलेगा. कर्मचारी घर बनाने के लिए एडवांस (HBA) 25 लाख रुपये तक ले सकेंगे. ग्रैच्युटी 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये हो गई है. इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों को एक्स-ग्रेशिया 10-20 लाख की जगह 25 से 45 लाख रुपये मिला करेगा.