White-Collar Jobs: व्हाइट कॉलर जॉब्स की हायरिंग में साल दर साल आधार पर बड़ी गिरावट देखी जा रही है. देश में सितंबर में व्हाइट कॉलर जॉब्स (9 TO 5 जॉब) हायरिंग में पिछले साल के मुकाबले 8.6 फीसदी की बड़ी गिरावट देखी गई है. वैश्विक चिंताओं के कारण IT सेक्टर को बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है जबकि बैंकिंग सेक्टर में मजबूत ग्रोथ देखी जा रही है. ये गिरावट खास तौर पर आईटी, बीपीओ/ITES और FMCG सेक्टर में देखी गई. 

ये जॉब रोल्स रहे हाई डिमांड में 

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IT सेक्टर को वैश्विक प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है और पिछले कुछ महीनों में हायरिंग नंबर्स में गिरावट देखी गई. हालांकि, बिग डेटा टेस्टिंग इंजीनियर, आईटी, इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी और आईटी ऑपरेशन्स मैनेजर के रोल्स इस अवधि के दौरान भी हाई डिमांड में थे. नौकरी डॉट कॉम के चीफ बिजनेस ऑफिसर पवन गोयल ने कहा, IT सेक्टर पर असर जारी है, बैंकिंग सेक्टर में मजबूत वृद्धि हुई है. इस तथ्य के साथ कि ओवरऑल इंडेक्स में पिछले महीने की तुलना में क्रमिक रूप से 6 फीसदी की वृद्धि हुई, यह क्षेत्रीय विविधता पर आधारित इंडियन जॉब मार्केट के लचीलेपन को रेखांकित करता है.

जॉब क्रिएशन में नॉन-मेट्रो शहरों ने महानगरों को पछाड़ा

बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और पुणे जैसे IT-निर्भर शहरों में सितंबर 2022 की तुलना में सितंबर 2023 में नए जॉब ऑफर्स में क्रमशः 30 फीसदी, 31 फीसदी, 32 फीसदी और 18 फीसदी का दबाव देखा गया. सितंबर 2023 में जॉब क्रिएशन के मामले में नॉन-मेट्रो शहरों ने महानगरों को पछाड़ना जारी रखा. वडोदरा, अहमदाबाद और जयपुर में हायरिंग में क्रमशः 4 फीसदी, 3 फीसदी और 2 फीसदी की वृद्धि देखी गई.

इस सेक्टर में आई तेजी

हॉस्पिटेलिटी और ट्रेवल सेक्टर में 22 फीसदी की वृद्धि हुई. बैंकिंग फाइनेंशियल सर्विसेज एंड इंश्योरेंस (BFSI) और हेल्थकेयर सेक्टर में पिछले साल के इसी महीने की तुलना में इस साल सितंबर में सात फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई. रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि तेल और गैस और ऑटो क्षेत्रों में से प्रत्येक में 6 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई.

बीपीओ/ITES और FMCG सेक्टर कुछ प्रमुख क्षेत्र थे, जिन्होंने क्रमशः 25 फीसदी और 23 फीसदी की नकारात्मक वृद्धि दर्ज की. जॉब मार्केट ने सितंबर में एक्सपीरियंस प्रोफेशनल्स को प्राथमिकता दी है. 16 साल से ज्यादा एक्सपीरियंस वाले प्रोफेशनल्स की भर्ती में लगभग 29 फीसदी की वृद्धि हुई, जबकि 13-16 साल के बीच एक्सपीरियंस वाले प्रोफेशनल्स की हायरिंग नबंर्स में 11 फीसदी की वृद्धि हुई.

व्हाइट कॉलर जॉब्स क्या है

इसमें वे लोग आते हैं, जो ऑफिस में बैठकर काम करते हैं. इस कैटेगरी में स्किल्ड प्रोफेशनल काम करते हैं. व्हाइट कॉलर जॉब करने वालों को हर महीने सैलरी मिलती है. इस कैटेगरी में आने वाले लोगों को शारीरिक तौर पर मेहनत नहीं करनी पड़ती है. इनमें 9-5 वाले जॉब्स करने वाले लोग शामिल हैं.

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