अरविंद सुब्रमण्यम के इस्तीफे के बाद खाली हुए मुख्य आर्थिक सलाहकार पद के लिए कई लोग लाइन में लगे हुए हैं. सरकार अगले एक-दो महीने में नये सीईए की नियुक्ति कर सकती है. वित्त मंत्रालय द्वारा गठित चयन समिति इस पद की दौड़ में शामिल उपयुक्त उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप देने में लगी हुई है. मुख्य आर्थिक सलाहकार वित्त मंत्रालय का सलाहकार होता है, भारत सरकार का नहीं. और सीईए का काम आर्थिक सर्वेक्षण तैयार करना है.

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बता दें की सीईए अरविंद सुब्रमण्यम ने कार्यकाल पूरा होने से पहले अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. सरकार ने 30 जून को नए मुख्य आर्थिक सलाहकार की नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किये थे.

वित्त मंत्रालय ने भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर विमल जालान की अध्यक्षता में एक चयन समिति गठित की थी. आर्थिक मामलों के सलाहकार सुभाष चंद गर्ग और कार्मिक विभाग के सचिव बपी शर्मा इस समिति के सदस्य हैं. इस समिति को योग्य उम्मीदवार के चयन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. 

अरविंद सुब्रमण्यम को 16 अक्टूबर, 2014 को तीन साल के लिए वित्त मंत्रालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार नियुक्त किया गया था. 2017 में उनके कार्यकाल को और एक साल के लिए बढ़ाया गया था. लेकिन उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया.

अरविंद सुब्रमण्यम ने इस्तीफे की वजह बताते हुए बताया कि वह पारिवारिक प्रतिबद्धताओं के कारण अमेरिका लौटना चाहते हैं. उनके कारण व्यक्तिगत हैं, लेकिन उनके लिए काफी महत्वपूर्ण हैं.