चीन (China) समेत दुनिया के कई देशों में एक बार फिर कोरोना वायरस (Coronavirus) के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है. पड़ोसी देश में कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार (Government of India) भी सतर्क हो गई है और जरूरी कदम उठा रही है. सरकार ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने भी मन की बात में भी कोविड-19 को लेकर देशवासियों से सावधान रहने की अपील की थी. वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वॉट्सऐप पर एक मैसेज काफी वायरल हो रहा है. इस मैसेज में कहा जा रहा है कि कोरोना वायरस एक सीजनल वायरस है और इसमें शारीरिक दूरी और आइसोलेशन की जरूरत नहीं है.

वायरल मैसेज में क्या लिखा है

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वायरल मैसेज में लिखा है, ''WHO ने अपनी गलती मान ली है और यू-टर्न लेते हुए कहा है कि कोरोना एक सीजनल वायरस है. ये मौसम में बदलाव के दौरान होने वाला खांसी, जुकाम और गले का दर्द है. इससे घबराने की जरूरत नहीं है. WHO ने अब कहा है कि कोरोना के मरीजों को न तो अब आइसोलेट रहने की जरूरत है तो नहीं है जनता को सोशल डिस्टैंसिंग की जरूरत है. कोरोना वायरस एक मरीज से दूसरे मरीज में नहीं फैलता है.''

जिन लोगों के पास भी ये मैसेज पहुंच रहा है वे कोरोना वायरस की सच्चाई को लेकर काफी कंफ्यूज दिखाई दे रहे हैं. लोगों को ये समझ नहीं आ रहा है कि अगर कोरोना वायरस एक संक्रमित से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता तो दुनिया में कोरोना वायरस से लाखों लोगों की मौत कैसे हो गई?

PIB Fact Check ने खोली वायरल मैसेज की पोल

वायरल मैसेज की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए PIB Fact Check ने इसकी पड़ताल की और पूरी सच्चाई बताई. PIB Fact Check ने वायरल मैसेज की जांच-पड़ताल के बाद बताया कि मैसेज में किए गए सभी दावे पूरी तरह से फर्जी हैं. PIB Fact Check ने बताया कि कोरोनावायरस एक संक्रामक रोग है, जो एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है. इस बीमारी से सुरक्षित रहने के लिए कोविड अनुकूल व्यवहार का पालन करना बहुत जरूरी है.