कोविड—19 महामारी (Covid-19 Pandemic) के कारण हुए लॉकडाउन (Lockdown) के चलते अर्थव्यवस्था पर आए संकट से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार (UP government) ने अपने खर्चों में कटौती का फैसला किया है. सरकार अब कोई नया वाहन नहीं खरीदेगी. साथ ही सरकार ने नए स्पोर्ट स्टाफ की नियुक्ति पर भी रोक लगा दी है.

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अपर मुख्य सचिव (वित्त) संजीव मित्तल ने एक आदेश में कहा गया कि 2020—21 के लिए सरकारी विभागों से कहा गया है कि वे नए वाहन न खरीदें और अधिकारियों की यात्रा कम से कम रखें. वीडियो कांफ्रेंस से काम चलाएं. अगर यात्रा करना बहुत जरूरी हो तो अधिकारी विमान में इकानामी क्लास से ही यात्रा करें. बिजनेस और एक्जीक्यूटिव श्रेणी से सफर पर रोक लगा दी गई है.

अधिकारियों से कहा गया है कि वे सम्मेलन, सेमिनार और बैठकों के लिए लक्जरी होटल ना लें बल्कि ऐसे कार्यक्रमों के लिए सरकारी भवनों का इस्तेमाल करें. आदेश में कहा गया कि अगर पुराने वाहन इस्तेमाल लायक नहीं हैं तो भी नए वाहन न लिए जाएं बल्कि आउटसोर्स किए जाएं.

अधिकारियों से कहा गया है कि विभागों में सलाहकार, चेयरपर्सन और सदस्यों की कोई नियुक्ति नहीं होगी. सरप्लस स्टाफ का इस्तेमाल हो या फिर इसे आउटसोर्स किया जाए.

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आदेश में कहा गया कि बहुत जरूरी न हो तो कोई नया निर्माण कार्य नहीं होगा. मौजूदा निर्माणाधीन प्रोजेक्ट के पूरा होने पर ही फंड का इस्तेमाल होगा. धन की कमी को देखते हुए केन्द्र सरकार प्रायोजित योजनाओं में राज्य की हिस्सेदारी को किस्तों में दिया जाएगा.

इन कामों पर लगी रोक

- नई गाड़ियों की खरीद पर रोक, किराए की गाड़ियों से चलाना होगा काम.

- नए स्पोर्ट स्टाफ की नियुक्ति पर भी रोक लगा दी गई है.

- बहुत जरूरी होने पर अधिकारी इकानामी क्लास से करेंगे हवाई यात्रा.

- लक्जरी होटलों में सम्मेलन, सेमिनार और बैठकों पर रोक. 

- विभागों में सलाहकार, चेयरपर्सन और सदस्यों की कोई नियुक्ति नहीं होगी.

- बहुत जरूरी होने पर ही नया निर्माण कार्य किया जा सकताहै.