राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) ने आईएलएफएस (ILFS) समूह के पूर्व निदेशकों को उनके किसी 1 बैंक खाते से हर माह 2 लाख रुपये निकालने की अनुमति दे दी है. हालांकि, उन्हें न्यायाधिकरण को पहले इसकी सूचना देनी होगी.

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आईएलएफएस सिक्युरिटीज सर्विसेस के पूर्व प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी एस. रंगराजन को छोड़कर आईएलएफएस समूह के पूर्व निदेशकों ने 16 जनवरी को एनसीएलटी से संपर्क कर उसके 3 दिसंबर 2018 के आदेश पर स्पष्टीकरण देने का अनुरोध किया था. एनसीएलटी ने इन सभी के 16 जनवरी तक अपनी संपत्तियों का निपटान करने और किसी तीसरे पक्ष को अधिकार देने से रोक लगा दी थी.

न्यायमूर्ति वीपी सिंह और रविकुमार दुराईसामी की 2 सदस्यीय पीठ ने 16 जनवरी को अपने आदेश में कहा कि रंगराजन ने न्यायाधिकरण के आदेश को राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) में चुनौती दी थी और अपीलीय न्यायाधिकरण ने अपने आदेश में न्यायाधिकरण को सूचना देने के बाद अपने किसी एक बैंक खाते से दो लाख रुपये प्रति माह निकालने की अनुमति दे दी है.

हालांकि, एनसीएलएटी ने रंगराजन को अगले आदेश तक किसी बैंक खाते से और पैसा निकालने से रोक दिया है. न्यायाधिकरण ने कहा कि जब पहले से यह मामला एनसीएलएटी के पास लंबित है तो 3 दिसंबर 2018 के इस फैसले को और अधिक स्पष्ट करना या उसमें परिवर्तन करना उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर है.

एजेंसी इनपुट के साथ