प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को आज संबोधित किया. उन्होंने करीब 20 मिनट तक अपना भाषण दिया. संयुक्त राष्ट्र महासभा का यह 74वां सत्र है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है विकासशील देश के रूप में भारत अपनी उपलब्धियों के दम पर दुनिया को राह दिखा रहा है. मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से पीएम मोदी ने आतंक पर भी हमला बोला. प्रधानमंत्री ने कहा कि हम मानते हैं कि ये किसी एक देश की नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की और मानवता की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है. आतंक के नाम पर बंटी हुई दुनिया, उन सिद्धांतों को ठेस पहुंचाती है, जिनके आधार पर यू.एन. का जन्म हुआ है.

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मोदी ने कहा कि हम 130 करोड़ भारतीयों को केंद्र में रखकर प्रयास कर रहे हैं लेकिन ये प्रयास जिन सपनों के लिए हो रहे हैं, वो सारे विश्व के हैं, हर देश के हैं, हर समाज के हैं. प्रयास हमारे हैं, परिणाम सारे संसार के लिए हैं.

इसके अलावा मोदी ने ग्लोबल वार्मिंग के लिए भारत ने जो कदम उठाए हैं, उसकी भी चर्चा की. उन्होंने कहा कि अगर इतिहास और Per Capita Emission के नजरिए से देखें, तो ग्लोबल वॉर्मिंग में भारत का योगदान बहुत ही कम रहा है. लेकिन इसके समाधान के लिए कदम उठाने वालों में भारत एक अग्रणी देश है.

उन्होंने आज के बदलती दुनिया पर भी बल दिया. मोदी ने कहा कि आज विश्व का स्वरूप बदल रहा है. 21वीं सदी की आधुनिक टेक्नोलॉजी, समाज, निजी जीवन, अर्थव्यवस्था, सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में सामूहिक परिवर्तन ला रही है.

संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में भारत की भूमिका को लेकर उन्होंने कहा कि इस मिशन में सबसे बड़ा बलिदान अगर किसी देश ने दिया है, तो वो भारत है. और इसलिए हमारी आवाज में आतंक के खिलाफ दुनिया को सतर्क करने की गंभीरता भी है और आक्रोश भी.