PM Suraj Portal: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का सबसे ज्यादा फायदा अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) जैसे वंचित वर्गों के लोगों को मिला है. उन्होंने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से 'पीएम-सूरज' राष्ट्रीय पोर्टल की शुरुआत के मौके पर दलित समुदाय से ताल्लुक रखने वाले पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और जनजातीय समाज से आने वाली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के चयन का जिक्र करते हुए कहा कि वंचित तबके के लोगों को शीर्ष पदों तक पहुंचाने के लिए भाजपा के प्रयास जारी रहेंगे. उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने कोविंद और मुर्मू की हार सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कोशिश की. 

वंचित तबके को होगा फायदा?

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प्रधानमंत्री ने कहा कि शौचालय और रसोई गैस के लिए उनकी सरकार की योजनाओं से समाज के वंचित तबके को फायदा हुआ है. उन्होंने कहा कि एससी, एसटी, ओबीसी गरीबों के लिए सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के सबसे बड़े लाभार्थी हैं.

क्या है पीएम सूरज पोर्टल?

प्रधानमंत्री सामाजिक उत्थान और रोजगार आधारित जनकल्याण (PM-Suraj) राष्ट्रीय पोर्टल का उद्देश्य अनुसूचित जातियों और पिछड़े वर्गों और स्वच्छता श्रमिकों सहित देश भर में पात्र व्यक्तियों को ऋण सहायता प्रदान करना है. इस पहल का उद्देश्य समाज के सबसे वंचित वर्गों का उत्थान करना है. 

एक लाख लाभार्थियों के खाते में आए 720 करोड़ रुपये

मोदी ने कहा, "पिछली सरकार में लाखों-करोड़ रुपये के घोटाले किए गए. हमारी सरकार ये पैसा दलित, वंचित के कल्याण और देश के निर्माण के लिए खर्च कर रही है. आज वंचित वर्ग से जुड़े एक लाख लाभार्थियों के खातों में 720 करोड़ रुपये की सहायता राशि सीधे उनके बैंक अकाउंट में भेजी गई है. पहले की सरकारों में ऐसा कोई सोच भी नहीं सकता था कि इधर बटन दबाया और उधर पैसे गरीबों के बैंक खातों में पहुंच गए, लेकिन ये मोदी की सरकार है, गरीबों का पैसा सीधे उनके खातों में पहुंचता है."

उन्होंने कहा कि आज दलित, पिछड़े और वंचित समाज के कल्याण की दिशा में देश एक और बड़े अवसर का साक्षी बन रहा है. उन्होंने कहा, कि जब वंचितों को वरीयता की भावना हो, तो कैसे काम होता है, वो इस आयोजन में दिखाई दे रहा है. प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान मशीनी स्वच्छता व्यवस्था के लिए राष्ट्रीय कार्रवाई (नमस्ते) योजना के अंतर्गत सफाई मित्रों (सीवर और सेप्टिक टैंक श्रमिकों) को आयुष्मान स्वास्थ्य कार्ड और पीपीई किट भी वितरित की. कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी योजनाओं के वंचित समूहों के लगभग तीन लाख लाभार्थी देश भर के 500 से अधिक जिलों से शामिल हुए.